झारखंड
झारखंड : सरकारी स्कूल हो रहे मॉडर्न, बच्चों के लिए 3D स्मार्ट क्लास शुरू
Ritisha Jaiswal
16 April 2022 4:47 PM IST

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झारखण्ड की राजधानी रांची में एक नायाब पहल की गई है. स्कूल की पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए ग्रामीण इलाकों में स्थित सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज बनाए गए है.
झारखण्ड की राजधानी रांची में एक नायाब पहल की गई है. स्कूल की पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए ग्रामीण इलाकों में स्थित सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज बनाए गए है. जहां बच्चे 3 डी क्लासेज के जरिए मॉडर्न शिक्षा से जुड़ रहे हैं. जिला प्रशासन की इस नई पहल से बच्चे भी आकर्षित हो रहे हैं और बेहतर तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.स्कूलों की कक्षा की अगर बात की जाए तो जो तस्वीर हमारे आंखों के सामने उभरती है उसमें कॉपी, किताब, पेन, पेंसिल, ब्लैक बोर्ड जैसे ही तस्वीरें नजर आती हैं. साथ ही शिक्षक जो बच्चों को पढ़ाते हुए नजर आते हैं. लेकिन अब स्थितियां बदल गई गई, क्योंकि अब स्मार्ट क्लासेज के जरिए बच्चे पढ़ रहे हैं. स्मार्ट क्लास में वीआर बॉक्स के जरिए बच्चों को 3 डी इमेज के जरिए पढ़ाया जाता है.
शुरुआती दौर में पर्यावरण और विज्ञान के विषयों की शिक्षा बच्चों की दी जा रही है. 3 डी क्लास के जरिए बच्चे आसानी से बातों को समझ पा रहे हैं, क्योंकि जानकारी के साथ बच्चे विजुअल के जरिए भी चीजों को अच्छी तरह समझ रहे हैं. छात्रा प्रीति कुमारी, अक्सा परवीन, सुनीता बताती हैं कि इन क्लास में जो भी बाते बताई जाती हैं वो काफी आसानी से समझ में आ जाती है, क्योंकि यहां हर चीज ऑडियो और विजुअल माध्यम से सीखने को मिलती है.
छात्रों की बढ़ी उपस्थिति
स्मार्ट क्लास के फायदे को लेकर स्कूल के शिक्षक राजेश और प्रधानाध्यापक रंथु साहू ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई का स्तर स्मार्ट क्लास की वजह से सुधरा है. बच्चे की पहले की तुलना में स्कूल भी ज्यादा आ रहे हैं. इनका कहना है कि इससे बच्चों में जानकारी बढ़ रही है और वे चीजों को मॉडर्न तकनीकों की वजह से और भी ठीक तरह समझ पा रहे हैं.
वर्तमान में 4 स्कूलों में उपलब्ध है वीआर बॉक्स
वीआर बॉक्स के जरिए पढ़ाई रांची के 4 स्कूलों में शुरू की गई है. प्रत्येक स्कूलों में 20- 20 की संख्या में वीआर बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं. हर एक छात्र का शेषन आधे-आधे घंटे का होता है. इन वीआर बॉक्स में वर्तमान में साइंस सब्जेक्ट की शिक्षा दी जाती है. वही आने वाले दिनों में रांची के सभी 18 प्रखंडों के दो-दो स्कूलों में इस प्रोजेक्ट को लगाने की योजना है. बात दें कि इस प्रोजेक्ट को रांची में जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गयी है. इसकी जिम्मेवारी संस्कारा को दी गई है.
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