झारखंड

Jharkhand : जहरीले जंतु के काटने से मौत

Kavita2
6 July 2026 2:47 PM IST
Jharkhand : जहरीले जंतु के काटने से मौत
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Jharkhand झारखंड : धुरकी थाना क्षेत्र के पूतुर गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 42 वर्षीय पारा शिक्षक मनोज कुमार यादव की जहरीले जंतु के काटने से मौत हो गई। मृतक अपने ही गांव के मध्य विद्यालय में कार्यरत थे और शिक्षा क्षेत्र में उनकी पहचान एक जिम्मेदार शिक्षक के रूप में थी। इस घटना के बाद पूरे गांव, शिक्षा जगत और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार यादव सुबह अपने दैनिक कार्य के तहत खेत में धान की बुवाई के लिए गए थे। वे अपने हल-बैल के साथ खेत में काम कर रहे थे और धान का बीज डालने के बाद खेत में हेंगा चला रहे थे। इसी दौरान अचानक किसी जहरीले जंतु ने उन्हें काट लिया, जिसके बाद वे कुछ ही पलों में बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें उठाकर इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। प्राथमिक उपचार के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई। डॉक्टरों ने भी उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पूतुर गांव के स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना अचानक हुई और किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। खेत में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने जब उन्हें गिरते हुए देखा तो तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन जहर का असर तेजी से फैल चुका था।

मृतक मनोज कुमार यादव गांव के मध्य विद्यालय में पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत थे और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके पढ़ाने के तरीके और सरल स्वभाव के कारण वे विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच सम्मानित माने जाते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से स्कूल के शिक्षक और छात्र भी गहरे सदमे में हैं।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल और उनके घर पर जुट गए। पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया है और हर कोई इस अचानक हुई घटना से स्तब्ध है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में खेतों और जंगलों के पास जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा अक्सर बना रहता है, खासकर बारिश और खेती के मौसम में। ऐसे में किसानों को खेत में काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।

धुरकी थाना पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाए, ताकि इस तरह की आकस्मिक घटनाओं में तुरंत इलाज मिल सके। साथ ही खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की गई है।

शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। सहकर्मियों ने उन्हें एक समर्पित और मेहनती शिक्षक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

कुल मिलाकर, यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बड़ी क्षति है, बल्कि पूरे शिक्षा समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय नुकसान है। अचानक हुई इस दुर्घटना ने ग्रामीण जीवन में मौजूद जोखिमों और सुरक्षा की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है।

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