
Jharkhand झारखंड : जरीडीह (झारखंड)। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सहारा क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए निवेशकों को उनकी परिपक्व राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय निवेशकों के हितों की रक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आयोग के अध्यक्ष जय प्रकाश नारायण पांडेय और सदस्य बेबी कुमारी ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। यह मामला जरीडीह बाजार निवासी राज कुमार प्रसाद और उनकी पुत्री रजनी कुमारी द्वारा दर्ज शिकायत से संबंधित है।
शिकायत के अनुसार, दोनों ने सहारा क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी की गोल्डन ए डबल एंड ग्लोबल योजना में निवेश किया था। निवेश के समय उन्हें योजना के तहत निर्धारित बांड और प्रमाणपत्र भी जारी किए गए थे, जिसमें परिपक्वता अवधि के बाद राशि वापस करने का प्रावधान था।
हालांकि, योजना की अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी जमा राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद यह पाया गया कि निवेशकों के साथ किए गए वादे के अनुसार भुगतान नहीं किया गया था।
आयोग ने अपने आदेश में सहारा क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी को निर्देश दिया कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर निवेशकों की परिपक्व राशि का भुगतान सुनिश्चित करे। साथ ही, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण आवश्यक है और किसी भी प्रकार की अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी।
इस फैसले के बाद निवेशकों में राहत की भावना देखी जा रही है। वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ऐसे अन्य लंबित मामलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जहां निवेशकों की राशि समय पर वापस नहीं की गई है।
फिलहाल संबंधित पक्षों को आदेश की प्रति भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।





