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रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने गुरूवार को सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली में पारा शिक्षकों को 50 फीसदी आरक्षण दिए जाने को चुनौती देने वाली बहादुर महतो समेत अन्य की याचिका पर सुनवाई की. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा 26 हजार सहायक शिक्षकों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पर लगाई गई रोक हटा ली है. अब आवेदन की प्रक्रिया फिर शुरू होगी.
नियुक्ति में आरक्षण के प्रावधानों को लेकर चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 30 सितंबर को चीफ जस्टिस संजय मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने नियुक्ति के विज्ञापन के बाद शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी. नियुक्ति प्रक्रिया में बीआरपी-सीआरपी को 50 फीसदी आरक्षण नहीं दिए जाने को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
नियमावली 2022 में 50 फीसदी आरक्षण की दी गई थी सुविधा
बता दें, JSSC के तरफ से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने कोर्ट को बताया गया कि साल 2022 में बनी सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली 2022 में शिक्षा विभाग में संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को 50 फीसदी आरक्षण देने की बात कही गई थी. जिसे सरकार ने साल 2023 में बनी नई और संसोधित नियमावली से हटा दिया था. अब केवल पारा शिक्षकों को ही सहायक आचार्य नियुक्ति में 50 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है. शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को भी आरक्षण मिलना चाहिए था.
सहायक आचार्य नियुक्ति में प्रार्थियों के लिए रिजर्व रहेंगी 100 सीटें
सुनवाई के बाद कोर्ट ने संसोधित आदेश पारित किया. जिसमें JSSC को निर्देश देते हुए कहा कि प्रार्थियों के लिए 100 सीट रिजर्व रहेंगी. और यह भी कहा कि यह नियुक्ति प्रक्रिया कोर्ट के अंतिम फैसला से प्रभावित होगी.
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