झारखंड

झारखंड एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी, भारी मात्रा में जब्त किए हथियार

Sonali
25 Nov 2021 12:16 PM GMT
झारखंड एटीएस को बड़ी सफलता हाथ लगी, भारी मात्रा में जब्त किए हथियार
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देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके नक्सलियों और बड़े अपराधी गिरोहों ने अब बीएसएफ (BSF) में भी सेंधमारी कर ली है. झारखंड एटीएस की टीम ने पंजाब में छापेमारी कर हजारों कारतूस बरामद किया है.

जनता से रिश्ता। देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके नक्सलियों और बड़े अपराधी गिरोहों ने अब बीएसएफ (BSF) में भी सेंधमारी कर ली है. झारखंड एटीएस की टीम ने पंजाब में छापेमारी कर हजारों कारतूस बरामद किया है. यह सभी कारतूस अलग-अलग उग्रवादी संगठनों और संगठित आपराधिक गिरोह के पास पहुंचने वाले थे. इस छापेमारी में बीएसएफ (BSF) के एक वर्तमान और एक पूर्व जवान को गिरफ्तार किया गया है. सबसे हैरानी की बात तो यह है कि जो कारतूस बरामद किया गया है उसे बीएसएफ कैंप (BSF camp) में ही डंप करके रखा गया था. उग्रवादियों और अपराधियों तक बड़े पैमाने पर हथियार और कारतूस सप्लाई करने वाले गिरोह में बीएसएफ (BSF) के पूर्व और वर्तमान जवान भी शामिल हैं. झारखंड एटीएस की टीम ने पंजाब के फिरोजपुर स्थित बीएसएफ कैंप (BSF camp) से कार्तिक बेहरा नाम के जवान के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है. बीएसएफ जवान कार्तिक बोहरा इस गैंग का किंगपिन है. झारखंड पुलिस (jharkhand police) के आईजी अभियान अमोल वेणुकांत होमकर ने बताया कि झारखंड एटीएस की टीम ने पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में छापेमारी कर अपराधियों और नक्सलियों तक हथियार और कारतूस सप्लाई करने वाले बड़े गिरोह का खुलासा किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से 14 उम्दा किस्म के पिस्टल, पिस्टल के 900 कारतूस के अलावा एके 47, इंसास राइफल की 8304 गोलियां बरामद की गई है.

एटीएस द्वारा लगातार चलाया जा रहा है अभियान
एटीएस के द्वारा हथियार सप्लाई नेटवर्क के खुलासे की जानकारी गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आईजी अभियान एवी होमकर ने दी. उन्होंने बताया कि राज्य में जितने भी उग्रवादी संगठन और संगठित आपराधिक गिरोह हैं, उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए और उन्हें सप्लाई किए जा रहे आर्म्स चेन को तोड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है. इसमें कई अंतरराज्यीय नेटवर्क उजागर हुए हैं. जो एक बड़ी सफलता है. उन्होंने बताया कि इसको लेकर झारखंड एटीएस की टीम कई दिनों से झारखंड राज्य के अलावा पंजाब, राजस्थान, वेस्ट बंगाल, महाराष्ट्र और एमपी में लगातार छापेमारी कर रही थी. इसी छापेमारी के क्रम में झारखंड एटीएस के द्वारा बड़े नेटवर्क का खुलासा किया गया है. जो पूरे भारतवर्ष में उग्रवादी संगठनों समेत बड़े-बड़े अपराधी गिरोह को आर्म्स सप्लाई करता था.
सीआरपीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा
उन्होंने बताया कि झारखंड एटीएस के द्वारा पहले सीआरपीएफ 182 बटालियन के जवान अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई कड़ियां सामने आई और कई लोग पकड़े गए हैं. जिसके बाद पंजाब के फिरोजपुर बीएसएफ (BSF) बटालियन 116 के एक जवान को इस नेटवर्क में किंगपिन के रूप में चिन्हित करते हुए गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही उस बीएसएफ कैंप (BSF camp) से भारी मात्रा में कारतूस समेत कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए हैं. बीएसएफ से वॉलेंट्री रिटायर्ड एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
किनकी- किनकी हुई गिरफ्तारी
वहीं एटीएस के एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद कई एजेंसियों को भी जानकारी दी जा रही है. उन्होंने बताया कि 5 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. उसमें अरुण कुमार सिंह, बीएसएफ (BSF) 116 बटालियन का वॉलेंट्री रिटायरमेंट लिया हुआ कॉन्स्टेबल है. जिसे बीएसएफ (BSF) के जवानों को इस गिरोह में जोड़ने की जिम्मेवारी मिली थी. वहीं कार्तिक बेहरा 116 बीएसएफ बटालियन फिरोजपुर में कार्यरत था. इसके अलावा तीन की गिरफ्तारी महाराष्ट्र बुलढाणा जिले से कुमार गुरलाल, शिवलाल धवन और हीरालाल कुमार के रूप में हुई है. ये तीनो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर इलाके में हथियार सप्लाई का अवैध रूप से काम कर रहे थे.


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