झारखंड

जेबीवीएनएल ने बिजली संकट से बचने के लिए किए इंतजाम

Admin Delhi 1
7 April 2023 10:16 AM GMT
जेबीवीएनएल ने बिजली संकट से बचने के लिए किए इंतजाम
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राँची न्यूज़: झारखंड बिजली वितरण निगम (जेबीवीएनएल) ने पिछले साल की गर्मी में उत्पन्न बिजली संकट से सबक लेते हुए इस बार अग्रिम तैयारी की है. जेबीवीएनएल ने ऐसे आठ इंतजाम किए हैं, जिससे जनता को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े. बिजली की मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए 230 मेगावाट का अतिरिक्त प्रबंध किया जा चुका है. जरूरत पड़ने पर और बढ़ाया जाएगा.

जेबीवीएनएल निदेशक (राजस्व एवं वाणिज्य) मनीष कुमार के अनुसार, इस बार एनटीपीसी, डीवीसी और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से खरीदी गई बिजली का बकाया भी चुकाया जा चुका है. ऐसे में बिजली का उत्पादन, आवंटन और खरीद समझौते से अधिक मांग बढ़ने पर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से बोली लगा कर अतिरिक्ति बिजली आसानी से खरीदी जा सकेगी. राज्य की निजी उत्पादन इकाइयों आधुनिक और इनलैंड से बेहतर समन्वय किया गया है. इस बार पहले ही भीषण गर्मी में बिजली की संभावित मांग (सामान्य से 10 फीसदी अधिक करीब 300 मेगावाट) का आंकलन करके इंतजाम किया गया है. एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा से 150 मेगावाट बिजली राज्य को मिलने लगी है. इसके अतिरिक्त 80 मेगावाट विभिन्न प्लांटों जैसे बाढ़, भूटान से आवंटित हुआ है.

गर्मी के साथ ही बढ़ी बिजली की मांग राज्य में सामान्य दिनों में बिजली की मांग 1900 मेगावाट के करीब रहती है. यह अब 2300 मेगावाट (डीवीसी क्षेत्र सहित) जा पहुंची है. दूसरी ओर बिजली की आपूर्ति शाम के व्यस्त समय के दौरान 2100 मेगावाट तक दर्ज हो रही है. मांग और आपूर्ति में 200 मेगावाट के अंतर से रोटेशन पर थोड़ी-थोड़ी कटौती की नौबत बन रही है. ज्ञात है कि सरकार के स्तर पर उत्पादन केवल टीवीएनएल से करीब 350 से 400 मेगावाट तक ही हो पाता है. झारखंड को अतिरिक्त मांग की पूर्ति के लिए महंगी दर पर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से प्रतिदिन के हिसाब से बिजली खरीदनी पड़ती है.

जेबीवीएनएल ने गर्मी के मद्देनजर किए ये इंतजाम:

1. एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा से 150 मेगावाट बिजली उपलब्ध

2. विभिन्न उत्पादन इकाइयों से सरकार ने 80 मेगावाट बिजली आवंटित कराया

3. डीवीसी, एनटीपीसी और एक्सचेंज की बिजली खरीद का बकाया खत्म

4. बकाया नहीं होने के कारण अतिरिक्त बिजली खरीदने में होगी सहूलियत

5. राज्य की इकाइयों को मरम्मत के कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश

6. राज्य की इकाइयों को कोयला का स्टॉक पूरा रखने का निर्देश

7. सिकिदरी हाइड्रो प्लांट से भी जरूरत के अनुसार उत्पादन की तैयारी

8. राज्य की निजी उत्पादन इकाइयों आधुनिक और इनलैंड से बेहतर समन्वय

24 घंटे आपूर्ति के लिए तैयारी:

● एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा से 324 मेगावाट बिजली खरीद समझौता (पीपीए)

● एनटीपीसी के बाढ़ इकाई से 52 मेगावाट बिजली खरीद करार

● पवन ऊर्जा के लिए 200 मेगावाट का करार

● पतरातू पीयूवीएनएल से पहले चरण में 2400 मेगावाट बिजली का उत्पादन.

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