
Jharkhand: सरायकेला में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। नगर क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ-साथ महाप्रभु के नंदीघोष रथ को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। ओडिशा से आए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रथ को सजा रहे हैं। इस वर्ष 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
श्री श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अनुसार, इस बार रथयात्रा को जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर भव्य रूप देने की तैयारी की गई है। भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर से मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। गोपबंधु चौक पर भगवान का रात्रि विश्राम होगा और 17 जुलाई को वे मौसीबाड़ी पहुंचेंगे।
समिति के अध्यक्ष राजेंद्र महांती उर्फ लिपू महांती ने बताया कि इस वर्ष रथयात्रा में ओडिसी नृत्य और घंटा पार्टी विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। महिला और पुरुष दोनों श्रद्धालुओं को रथ खींचने का अवसर दिया जाएगा।
रथ निर्माण को लेकर समिति ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष नंदीघोष रथ लगभग 20 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया था। रथयात्रा के बाद इसे सुरक्षित रखा गया था और इस वर्ष उसी रथ की मरम्मत और सजावट कर पुनः उपयोग किया जा रहा है।
रथयात्रा से पहले 14 जुलाई को जगन्नाथ मंदिर में नेत्रोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद 15 जुलाई को भगवान विश्राम करेंगे और 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा का शुभारंभ होगा।
सात दिनों तक मौसीबाड़ी में रहने के बाद 24 जुलाई को बाहुड़ा रथयात्रा निकाली जाएगी। वापसी के दौरान कालूराम चौक पर भगवान का रात्रि विश्राम होगा और 25 जुलाई को वे पुनः श्रीमंदिर लौटेंगे, जहां विधि-विधान के साथ रथयात्रा का समापन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं। सरायकेला में इस बार रथयात्रा को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।





