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Jharkhand झारखंड: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) आईएसएम धनबाद में 6 और 7 फरवरी को इंडस्ट्री‑इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें संस्थान के शोध प्रोजेक्ट और नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे। 8 फरवरी को मुख्य रूप से पूर्व छात्रों (एलुमनी) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, इसलिए उस दिन वैज्ञानिक चर्चा सीमित रहेगी। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक डॉ. सुकुमार मिश्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, "कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी दोनों दिन छात्रों और शोधकर्ताओं को अपनी परियोजनाओं को उद्योग विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। पूर्व छात्र, जिनके पास 30 से 50 साल का अनुभव है, प्रदर्शनी में मौजूद परियोजनाओं का विश्लेषण करेंगे और सुधार और व्यावसायिक संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देंगे।
डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि कॉन्क्लेव के पहले दो दिन वैज्ञानिक चर्चा और परियोजना प्रस्तुतियों पर केंद्रित रहेंगे। विभिन्न विभागों के छात्र और शोधकर्ता अपने इनोवेशन, तकनीकी परियोजनाएं और शोध成果 पेश करेंगे। उद्योग विशेषज्ञ और पूर्व छात्र उनकी परियोजनाओं का मूल्यांकन करेंगे और व्यावहारिक सुझाव देंगे। 8 फरवरी को पूर्व छात्रों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दिन का मुख्य उद्देश्य पूर्व छात्रों के अनुभव और ज्ञान का लाभ लेना है। डॉ. मिश्रा ने कहा, "पूर्व छात्रों के अनुभव से छात्र अपनी परियोजनाओं को और परिपक्व और व्यावहारिक बना सकते हैं। इस दिन ज्यादा वैज्ञानिक चर्चा नहीं होगी, बल्कि प्रदर्शनी खुली रहेगी ताकि एलुमनी सभी परियोजनाओं को ध्यान से देख सकें और समीक्षा कर सकें।
कॉन्क्लेव के आयोजन से छात्र‑उद्योग संवाद को बढ़ावा मिलेगा और नवाचार को व्यावसायिक दृष्टि से परखा जा सकेगा। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सीखने और उद्योग की आवश्यकताओं को समझने का भी अवसर प्रदान करेगा। डॉ. मिश्रा ने बताया कि प्रदर्शनी में संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं के प्रोजेक्ट, टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप और अनुसंधान कार्य प्रदर्शित किए जाएंगे। उद्योग विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों की प्रतिक्रिया से छात्रों को अपने प्रोजेक्ट को व्यावहारिक बनाने और अगले चरण के विकास के लिए मार्गदर्शन मिलेगा।
इस कॉन्क्लेव का आयोजन संस्थान और उद्योग के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए बल्कि उद्योग के प्रतिनिधियों और पूर्व छात्रों के लिए भी नेटवर्किंग और अनुभव साझा करने का प्लेटफार्म साबित होगा। डॉ. मिश्रा ने कहा, "इस कार्यक्रम के माध्यम से हम छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। पूर्व छात्रों की समीक्षा और मार्गदर्शन से छात्र अपनी परियोजनाओं में सुधार कर सकते हैं और उन्हें व्यावसायिक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।"
कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी दोनों दिन छात्र‑शोधकर्ता, शिक्षक, उद्योग विशेषज्ञ और पूर्व छात्र सक्रिय भागीदारी करेंगे। यह कार्यक्रम नवाचार, तकनीकी विकास और उद्योग‑शिक्षा सहयोग को एक नई दिशा देने वाला अवसर माना जा रहा है। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद का यह पहल छात्रों, पूर्व छात्रों और उद्योग के बीच अनुभव और ज्ञान के आदान‑प्रदान को बढ़ावा देगा और संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मजबूत बनाएगा।
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