झारखंड

बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा गुमला में सर्पदंश से 16 की मौत

nidhi
19 Aug 2026 12:40 PM IST
बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा गुमला में सर्पदंश से 16 की मौत
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गांवों में जहरीले सांपों का आतंक गुमला में सैकड़ों लोग बने शिकार
गुमला: झारखंड के गुमला जिले में बारिश के मौसम के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस साल अब तक जिले में 300 से अधिक लोग सांप के काटने का शिकार हो चुके हैं, जबकि इनमें से 16 लोगों की मौत हो गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
बारिश के दौरान बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप अक्सर सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों, खेतों और आसपास के इलाकों में पहुंच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आते हैं।
बारिश में क्यों बढ़ते हैं सर्पदंश के मामले
मानसून के दौरान सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास छिपे सांप अचानक लोगों को डस लेते हैं। गुमला जैसे ग्रामीण और वन क्षेत्र वाले इलाकों में खेती-किसानी से जुड़े लोग सुबह-शाम खेतों में काम करते समय अधिक जोखिम में रहते हैं।
300 से ज्यादा मामले सामने आए
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में इस वर्ष अब तक सर्पदंश के 300 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें कई मरीजों को समय पर इलाज मिलने से बचाया गया, लेकिन देर से अस्पताल पहुंचने वाले कुछ लोगों की जान नहीं बच सकी। विशेषज्ञों का कहना है कि सांप काटने के बाद तुरंत इलाज मिलने पर मौत का खतरा काफी कम हो सकता है।
एंटी स्नेक वेनम से बच सकती है जान
डॉक्टरों के अनुसार, जहरीले सांप के काटने पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) ही सबसे प्रभावी इलाज है। मरीज को झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। सर्पदंश के बाद प्रभावित व्यक्ति को शांत रखना चाहिए और काटे गए हिस्से को ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचना चाहिए।
ग्रामीणों को दी जा रही जागरूकता
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि रात में चलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें, जमीन पर सोने से बचें और घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बारिश के दिनों में लकड़ी, पत्थर और कचरे के ढेर में हाथ डालने से भी बचने की सलाह दी गई है।
समय पर इलाज जरूरी
चिकित्सकों का कहना है कि सर्पदंश के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने और सही उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। गुमला में बढ़ते सर्पदंश के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता और आपात सेवाओं को लेकर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।
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