
Jharkhand झारखंड : आयकर विभाग ने बिहार और झारखंड में ‘प्रारंभ-2026’ नाम से एक मेगा आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए आयकर अधिनियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों और बदलावों के बारे में करदाताओं और आम लोगों को जागरूक करना है।
कार्यक्रम के तहत विभाग करदाताओं, पेशेवरों और अन्य हितधारकों को नए कानून में किए गए सुधारों, सरल प्रक्रियाओं और डिजिटल सुविधाओं की जानकारी लगातार प्रदान करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इसका मकसद कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-हितैषी बनाना है।
यह कार्यक्रम प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त बिहार एवं झारखंड क्षेत्र डा. डी सुधाकर राव के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में विभाग विभिन्न जागरूकता शिविरों, सेमिनारों और संवाद सत्रों का आयोजन कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि नए आयकर अधिनियम में कई ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनसे करदाताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया आसान होगी और डिजिटल सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए यह आउटरीच अभियान शुरू किया गया है, ताकि लोग समय रहते बदलावों को समझ सकें और उनका सही तरीके से पालन कर सकें।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग की टीम विभिन्न जिलों में जाकर करदाताओं से सीधे संवाद करेगी और उन्हें नए नियमों की जानकारी देगी। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी व्यापक स्तर पर जानकारी साझा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम कर व्यवस्था में सुधार लाने और करदाताओं की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल अनुपालन बेहतर होगा, बल्कि कर प्रणाली में विश्वास भी मजबूत होगा।
विभाग ने कहा है कि ‘प्रारंभ-2026’ अभियान आने वाले महीनों में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग नए आयकर कानून से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।





