झारखंड

अवैध भंडारण का भंडाफोड़

Saba Naaz
27 Jun 2026 4:20 PM IST
अवैध भंडारण का भंडाफोड़
x

पलामू: झारखंड के पलामू जिले में अवैध बालू उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। ताजा मामला पलामू के पांडू प्रखंड का है, जहां अंचल प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 4800 सीएफटी (क्यूबिक फीट) अवैध बालू जब्त किया है। इस मामले में पांडू अंचलाधिकारी (CO) के लिखित आवेदन पर संबंधित भू-स्वामियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ पांडू थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर चेड़ी धाम के पास हुई छापेमारी

जानकारी के अनुसार, पांडू अंचल प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि मौजा कुटमु स्थित चेड़ी धाम के समीप भारी मात्रा में अवैध रूप से बालू का भंडारण कर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही है। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए 25 जून को अंचलाधिकारी ने अपनी टीम के साथ उक्त स्थल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अलग-अलग स्थानों पर व्यावसायिक लाभ के उद्देश्य से भारी मात्रा में बालू डंप करके रखा गया था।

बगीचे और खेत से बरामद हुआ अवैध बालू

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई नापी के दौरान बालू के अवैध खेल का बड़ा खुलासा हुआ। निरीक्षण में भूषण चौधरी और बृजमोहन चौधरी (दोनों सगे भाई) के संयुक्त मालिकाना हक वाले बगीचे से करीब 4000 सीएफटी बालू बरामद किया गया। इसके अलावा, ठीक उसी के पास स्थित बबलू चौधरी नामक व्यक्ति के खेत से लगभग 800 सीएफटी बालू का भंडारण पाया गया। इस प्रकार दो अलग-अलग जगहों से कुल 4800 सीएफटी अवैध बालू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने उसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया।

ग्रामीणों से पूछताछ, माफियाओं की तलाश जारी

छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने आस-पास के ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे थे कि यह बालू किस घाट से, किन वाहनों के जरिए और किसके इशारे पर लाकर यहां जमा किया गया था। हालांकि, कार्रवाई के डर से स्थानीय लोगों ने इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। प्रशासन का कहना है कि इस अवैध भंडारण के पीछे मुख्य रूप से सक्रिय सिंडिकेट और बालू माफियाओं की पहचान के लिए पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा।

खनिज नियमावली के तहत मामला दर्ज

जब्ती सूची तैयार करने के बाद अंचलाधिकारी ने पांडू थाना में एक लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की। सीओ के आवेदन के आधार पर पुलिस ने 'झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली, 2004' तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब जमीन मालिकों की भूमिका और बालू के अवैध कारोबार से जुड़े कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।

पर्यावरण और राजस्व को नुकसान बर्दाश्त नहीं: प्रशासन

पलामू जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की अवैध निकासी और तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, अवैध बालू खनन से न केवल नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। प्रशासन ने आने वाले दिनों में संवेदनशील और तटीय इलाकों में नियमित छापेमारी और विशेष अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे अवैध खनन से जुड़ी जानकारियां पुलिस से साझा करें, उनका नाम गुप्त रखा जाएगा।

Next Story