झारखंड

'बिजली नहीं तो बिल क्यों?', विभाग के खिलाफ नाराजगी तेज

Saba Naaz
27 Jun 2026 3:17 PM IST
बिजली नहीं तो बिल क्यों?, विभाग के खिलाफ नाराजगी तेज
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पलामू: झारखंड के पलामू जिले के नौडीहा बाजार प्रखंड क्षेत्र से इस वक्त बिजली संकट की एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। समूचे प्रखंड क्षेत्र में पारा ४० से ४२ डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इस तपती और झुलसाने वाली गर्मी के बीच बिजली विभाग की घोर लापरवाही और अघोषित बिजली कटौती ने स्थानीय जनता का जीना मुहाल कर दिया है। शहरी इलाकों से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक दिन और रात में कई-कई घंटों तक लगातार बिजली गुल रह रही है। इस बदहाल बिजली व्यवस्था के कारण न केवल लोगों का घरेलू जीवन नरकीय बन चुका है, बल्कि कृषि कार्य और व्यापारिक गतिविधियां भी पूरी तरह ठप हो गई हैं।

मायापुर पावर सब-स्टेशन से सिर्फ नाममात्र की आपूर्ति

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नौडीहा बाजार प्रखंड क्षेत्र को बिजली की आपूर्ति करने वाले 'मायापुर पावर सब-स्टेशन' की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इस सब-स्टेशन से पूरे प्रखंड क्षेत्र को २४ घंटे में से मात्र ४ से ५ घंटे ही बिजली की सप्लाई मिल पा रही है। वह भी एकमुश्त न मिलकर टुकड़ों में (ट्रिपिंग के साथ) आती है, जिससे बिजली के उपकरण भी खराब हो रहे हैं। दोपहर की चिलचिलाती धूप और रात के उमस भरे माहौल में बिजली न होने से सबसे ज्यादा परेशानी मासूम बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ रही है। वोल्टेज की भारी किल्लत और लगातार हो रही कटौती के कारण कूलर और एसी तो दूर, घरों के सामान्य पंखे भी महज शोपीस बनकर रह गए हैं।

जल संकट गहराया, धंधा-पानी हुआ चौपट

बिजली न रहने का सीधा असर अब क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। पानी की मोटर (पंप) न चल पाने की वजह से घरों और मोहल्लों में पानी का गंभीर संकट गहरा गया है। सुबह और शाम के वक्त पानी के लिए हाहाकार मचा रहता है। इसके अलावा, बिजली पर निर्भर रहने वाले छोटे उद्योगों, वेल्डिंग दुकानों, आटा मिलों, फोटोकॉपी की दुकानों और घर से काम (Work From Home) करने वाले युवाओं का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि बिजली न रहने से उनकी दैनिक कमाई आधी से भी कम रह गई है, लेकिन महीने का बिजली बिल जस का तस आ रहा है।

उमस और मच्छरों के आतंक के बीच कट रही रातें

नौडीहा बाजार के कई स्थानीय ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे इस समय बेहद नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। दिन भर की कड़ी धूप के बाद रात में भी उमस भरी गर्मी और मच्छरों के तांडव के कारण लोग चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है: "जब हम बिजली विभाग के स्थानीय सब-स्टेशन या ग्रिड में फोन करते हैं, तो वहां से हमेशा एक ही रटा-रटाया जवाब मिलता है कि 'ऊपर से ही (लोकल ग्रिड से ही) बिजली की सप्लाई कम मिल रही है, हम क्या करें।' अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।"

अधिकारियों की चुप्पी और खोखले आश्वासन से जनता में आक्रोश

इस गंभीर और संवेदनशील समस्या पर बिजली विभाग के आला अधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर सिर्फ 'जल्द सुधार होगा' का खोखला आश्वासन दे दिया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। अघोषित और अनियमित बिजली कटौती से नाराज नौडीहा बाजार प्रखंड के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति में जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर बिजली सब-स्टेशन का घेराव करेंगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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