
रांची। भारत और वेस्टइंडीज के बीच नौ अक्टूबर को धुर्वा स्थित जेएससीए स्टेडियम में होने वाले मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैच के टिकटों की मांग इतनी अधिक है कि सोमवार को ऑनलाइन बिक्री शुरू होने के महज 17 मिनट के भीतर ही उपलब्ध टिकट बिक गए। मंगलवार को दूसरे दिन भी स्टेडियम स्थित टिकट काउंटर पर दर्शकों की लंबी कतार लगी रही।
मैच को लेकर शहर और आसपास के इलाकों में क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह है। बड़ी संख्या में लोग मैच देखने के लिए टिकट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑनलाइन टिकट बिक्री के दौरान वेबसाइट पर भारी भीड़ रही और कुछ ही मिनटों में उपलब्ध सीटें बुक हो गईं।
सोमवार को ऑनलाइन टिकटों की बिक्री शुरू होने के साथ ही दर्शकों ने तेजी से बुकिंग करनी शुरू कर दी। महज 17 मिनट में टिकट बिक जाने से कई क्रिकेट प्रेमियों को निराशा हाथ लगी। कई लोगों ने बाद में ऑफलाइन काउंटर से टिकट लेने का फैसला किया।
भारत-वेस्टइंडीज मैच के टिकटों की जबरदस्त मांगको स्टेडियम स्थित टिकट काउंटर खुलने से पहले ही दर्शकों की लंबी कतार लग गई। लोग सुबह से ही टिकट खरीदने के लिए पहुंचने लगे थे। कई दर्शक दूर-दराज के इलाकों से भी आए थे।
कतार में खड़े लोगों में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही, लेकिन परिवार और बच्चों के साथ भी कई लोग टिकट खरीदने पहुंचे। लोगों का कहना था कि भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मुकाबला देखने का मौका वे किसी भी कीमत पर नहीं गंवाना चाहते।
टिकटों की भारी मांग के बीच स्टेडियम के बाहर कालाबाजारी का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग टिकटों को निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचने की कोशिश कर रहे थे।
इस तरह की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन और आयोजकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी जरूरी मानी जा रही है।
क्रिकेट प्रशंसकों का कहना है कि जब आधिकारिक माध्यम से टिकट उपलब्ध नहीं होते तो कुछ लोग मजबूरी में अधिक कीमत देकर टिकट खरीदने को तैयार हो जाते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो जाते हैं।
ऐसे मामलों में टिकटों की वास्तविक कीमत से कई गुना ज्यादा रकम मांगी जा सकती है। इससे आम दर्शकों को परेशानी होती है और आयोजन की व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
जेएससीए स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास माना जा रहा है। भारत और वेस्टइंडीज की टीमों के बीच होने वाले मैच को लेकर पहले से ही उत्साह था और जैसे-जैसे मैच की तारीख नजदीक आ रही है, टिकटों की मांग और बढ़ती जा रही है।
स्टेडियम की क्षमता सीमित होने और दर्शकों की संख्या अधिक होने के कारण हर किसी को टिकट मिल पाना संभव नहीं है। यही वजह है कि ऑनलाइन बिक्री कुछ ही मिनटों में खत्म हो गई।
ऑफलाइन टिकट काउंटर पर भी लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कतार में खड़े दर्शकों ने बताया कि टिकट पाने के लिए वे कई घंटे से इंतजार कर रहे हैं।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ऑनलाइन टिकट नहीं मिलने के बाद उनके पास काउंटर से टिकट खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट वितरण को पारदर्शी बनाए रखने की है। इसके लिए टिकट खरीदने वालों की पहचान और संख्या पर नियंत्रण रखना जरूरी हो सकता है।
कालाबाजारी की शिकायतों को देखते हुए यह भी जरूरी है कि एक व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में टिकट खरीदने पर निगरानी रखी जाए।
स्टेडियम के आसपास पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। साथ ही संदिग्ध तरीके से टिकट बेचने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
क्रिकेट मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। बड़ी संख्या में दर्शकों के स्टेडियम पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात और पार्किंग व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।
मैच के दिन धुर्वा और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन को पहले से वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग की योजना बनानी होगी।
स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच भी कड़ी रहने की संभावना है। दर्शकों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी जा सकती है, ताकि लंबी कतार और भीड़ से बचा जा सके।
मैच को लेकर स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों में भी उत्साह है। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के शहर पहुंचने से बाजार और होटल व्यवसाय को भी फायदा मिल सकता है।
फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा टिकटों को लेकर है। 17 मिनट में ऑनलाइन टिकट बिक जाने से मैच की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दूसरी ओर कालाबाजारी की शिकायत ने प्रशासन और आयोजकों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि टिकटों की अवैध बिक्री रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और आम दर्शकों को उचित कीमत पर टिकट उपलब्ध कराने की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाती है।
नौ अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और स्टेडियम में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।





