
झारखण्ड | RIMS 2 Issue:नगड़ी में RIMS-2 के विरोध में ग्रामीणों का मार्च, सीएम से सीधी वार्ता की मांग
रांची के नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित RIMS-2 परियोजना के विरोध में गुरुवार को सैकड़ों ग्रामीण, किसान और रैयत सड़कों पर उतर आए। गुलाम रब्बानी नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले निकाले गए इस पैदल शांति मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परियोजना के लिए उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत करना चाहते हैं।
ग्रामीणों ने नगड़ी गांव से पैदल मार्च शुरू किया और लॉ यूनिवर्सिटी तथा कांके चौक होते हुए आगे बढ़े। प्रशासन को मार्च की जानकारी पहले से थी, इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बाजार टांड़ के पास जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों का रूट बदल दिया और उन्हें बोड़ेया रोड से मोराबादी जाने का निर्देश दिया।
हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन के निर्देश के बाद मुख्य मार्ग छोड़ दिया और खेतों की पगडंडियों का रास्ता अपना लिया। प्रदर्शनकारी समूह खेतों के बीच से गुजरते हुए आगे बढ़ा। इस दौरान उन्होंने रास्ते में पड़ने वाली दो नदियों को भी पार किया और चौड़ी बस्ती के रास्ते मोराबादी पहुंच गए। ग्रामीणों के इस कदम से प्रशासन और पुलिस बल भी कुछ समय के लिए असहज नजर आए, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग निर्धारित मार्ग से हटकर आगे बढ़ चुके थे।
मोराबादी मैदान पहुंचने के बाद ग्रामीण मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। लेकिन ऑक्सीजन पार्क के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच किसी प्रकार की झड़प की सूचना नहीं मिली और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। ग्रामीण वहीं डटे रहे और अपनी मांगों को दोहराते रहे।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपनी उपजाऊ जमीन छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार पहले उनकी बात सुने और मुख्यमंत्री स्वयं ग्रामीणों से बातचीत करें। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थानीय लोगों को भरोसे में लिया जाए और उनकी सहमति के बिना कोई फैसला न किया जाए।
इसी बीच रांची में तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे प्रदर्शन प्रभावित हुआ। बारिश बढ़ने के बाद ऑक्सीजन पार्क के पास एकत्रित ग्रामीण धीरे-धीरे वहां से लौटने लगे। हालांकि आंदोलन से जुड़े लोगों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें अभी भी कायम हैं और जब तक सरकार उनसे बातचीत नहीं करती, तब तक वे अपने स्तर पर विरोध जारी रखेंगे।





