झारखंड

पाकुड़ से दिल्ली तक सीधी ट्रेन की उम्मीद

Saba Naaz
16 July 2026 4:51 PM IST
पाकुड़ से दिल्ली तक सीधी ट्रेन की उम्मीद
x

पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले में रेलवे विकास को लेकर बड़ी योजना तैयार की जा रही है। रेलवे ने पाकुड़ को पूर्व रेलवे के महत्वपूर्ण फ्रेट हब यानी माल ढुलाई के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का खाका तैयार किया है। इसके तहत माल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने, ट्रैक की क्षमता बढ़ाने और रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में काम किया जा रहा है।

रेलवे की योजना के अनुसार, पाकुड़ में माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। इसमें ट्रैक की गति बढ़ाना, लोडिंग क्षमता में सुधार करना और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण शामिल है। रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पाकुड़ क्षेत्र में माल परिवहन और यात्री सुविधाओं दोनों में बड़ा बदलाव आएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालपहाड़ी रेलवे साइडिंग को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। यहां ट्रेनों की गति बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान व्यवस्था में जहां ट्रेनों की गति कम है, वहीं सुधार के बाद गति को 10 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक करने की योजना है। इससे मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद के. देऊसकर ने गुरुवार को मालपहाड़ी रेलवे साइडिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पहले किए गए निरीक्षण के दौरान साइडिंग की स्थिति काफी खराब थी। लंबे समय तक उचित रखरखाव नहीं होने के कारण कई जगहों पर रेल लाइन जमीन में धंस गई थी। अब रेलवे ने इस क्षेत्र के विकास और सुधार के लिए योजना तैयार की है।

रेलवे का लक्ष्य केवल माल परिवहन को बेहतर बनाना ही नहीं है, बल्कि भविष्य में यात्री सुविधाओं को भी बढ़ाना है। तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे लंबी दूरी की ट्रेनों के विस्तार का रास्ता भी साफ हो सकता है।

रेलवे की ओर से संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में परिचालन क्षमता बढ़ने पर पाकुड़ से दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवाओं का विस्तार संभव हो सकता है। हालांकि, इसके लिए अभी कई चरणों में काम पूरा होना जरूरी है।

पाकुड़ क्षेत्र खनिज और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यहां से बड़ी मात्रा में माल का परिवहन होता है। ऐसे में रेलवे की यह योजना स्थानीय उद्योगों, व्यापारियों और रोजगार के अवसरों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण से ट्रेनों की आवाजाही में आने वाली बाधाएं कम होंगी। वर्तमान में कई बार ट्रैक क्षमता सीमित होने के कारण ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ता है। नई लाइन बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियों दोनों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक माल परिवहन व्यवस्था से क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योगों को लाभ मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

स्थानीय लोगों में भी रेलवे की इस योजना को लेकर उम्मीद बढ़ी है। लोगों का मानना है कि अगर पाकुड़ से लंबी दूरी की ट्रेनों का विस्तार होता है तो यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेन मिलने से समय और यात्रा दोनों की बचत होगी।

फिलहाल रेलवे ने पाकुड़ को विकसित करने की दिशा में शुरुआती कदम तेज कर दिए हैं। आने वाले समय में ट्रैक विस्तार, साइडिंग सुधार और माल परिवहन क्षमता बढ़ाने से पाकुड़ पूर्व रेलवे के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है।

Next Story