
Himanshu Murder Case को लेकर झारखंड की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जमशेदपुर में पुलिस वैन से युवक हिमांशु को खींचकर बेरहमी से हत्या किए जाने की घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने इस घटना को कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए 3 जुलाई 2026 को जमशेदपुर बंद का ऐलान किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि राज्य में कानून के शासन पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों ने पुलिस की मौजूदगी में युवक को वैन से बाहर खींचकर उसकी हत्या कर दी, जबकि पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे।
भाजपा ने मांग की है कि इस मामले में केवल हमलावरों पर ही नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा थी, वे अपने कर्तव्य में विफल रहे। ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मियों की निष्पक्ष जांच कर उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए और उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए। आदित्य साहू ने यह भी मांग की कि हिमांशु हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में देरी से न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होता है, इसलिए सरकार को इस मामले को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भाजपा ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आदित्य साहू ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही साफ दिखाई दे रही है, खासकर तब जब एसपी के तबादले के बाद भी नए अधिकारी की नियुक्ति में देरी हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में अपराधियों को फायदा मिलता है और जनता असुरक्षित महसूस करती है। पार्टी ने आंदोलन की रूपरेखा भी तय कर दी है। भाजपा ने बताया कि 2 जुलाई की शाम जमशेदपुर में मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जबकि 3 जुलाई को पूरे शहर में बंद का आयोजन किया जाएगा। पार्टी ने व्यापारियों, आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों से इस बंद में सहयोग की अपील की है।
भाजपा ने यह भी कहा कि यह आंदोलन राजनीतिक नहीं बल्कि न्याय और कानून-व्यवस्था की बहाली के लिए है। यदि सरकार ने इस मामले में प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को पूरे झारखंड में विस्तारित किया जाएगा। इसके साथ ही भाजपा ने राज्य में बढ़ते अपराधों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि पिछले वर्षों में हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि सरकार अपराध नियंत्रण में विफल रही है।
आदित्य साहू ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय अवैध वसूली की ओर अधिक झुकी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रभावी गश्त और निगरानी करती, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। भाजपा ने साफ किया है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था का प्रश्न है।





