
Jharkhand झारखंड : अमित शाह और जी किशन रेड्डी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की स्थिति को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश में कोयला उत्पादन और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और विशेष रूप से अवैध खनन पर रोक लगाने के उपायों की समीक्षा की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, CISF, कोल इंडिया लिमिटेड तथा BCCL के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य देश के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में बढ़ रही अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीति तैयार करना था।
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने विशेष रूप से धनबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समस्या न केवल राष्ट्रीय संसाधनों की हानि का कारण बन रही है, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में अधिकारियों ने गृह मंत्री को बताया कि अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में हुई पिछली समीक्षा के बाद इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इन कदमों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना, संवेदनशील खदान क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाना और अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए तकनीकी निगरानी उपायों को शामिल करना शामिल है।
अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों और खनन कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि अवैध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही कुछ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि अवैध कोयला खनन अक्सर स्थानीय नेटवर्क और संगठित गिरोहों के माध्यम से संचालित होता है, जिससे इसे रोकना एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए खुफिया तंत्र को मजबूत करने और डिजिटल निगरानी प्रणाली के उपयोग पर जोर दिया गया।
कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि कंपनी लगातार अपने खनन क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को बढ़ा रही है और अवैध गतिविधियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है। वहीं BCCL की ओर से भी धनबाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों की जानकारी दी गई।
CISF ने भी बताया कि संवेदनशील खदान क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और गश्त को बढ़ाया गया है, जिससे अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा रहा है, लेकिन अभी भी पूरी तरह समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
गृह मंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध कोयला खनन और चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला चोरी और अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए केवल सुरक्षा उपाय ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई भी आवश्यक है। साथ ही, तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी गतिविधियों को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर नियमित समीक्षा की जाएगी और राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाकर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अवैध खनन की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके।
कुल मिलाकर, यह बैठक देश में कोयला सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। धनबाद जैसे क्षेत्रों में बढ़ती अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अब और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।





