झारखंड

हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान, महिला से मारपीट के मामले में 3 निलंबित

Rajeshwari Nishad
9 Oct 2026 5:50 PM IST
हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान, महिला से मारपीट के मामले में 3 निलंबित
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लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले में एक आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान लेने और जांच के निर्देश देने के बाद बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और सिपाही मनीष राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। उपलब्ध जानकारी में इन दो पुलिसकर्मियों के निलंबन की पुष्टि हुई है; तीन के निलंबन की पुष्टि नहीं मिली है।
महिला की शिकायत में पुलिसकर्मियों पर रास्ते और थाने में मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने तथा प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने जांच कमेटी गठित की है। बालूमाथ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में कमेटी आरोपों की पड़ताल करेगी। फिलहाल शिकायत में बताई गई घटनाओं की जांच जारी है। निलंबन की कार्रवाई को आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
महिला की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना पांच अक्टूबर की दोपहर की है। उस समय वह बकरी चरा रही थीं। उनका आरोप है कि बारियातू थाना प्रभारी और तीन अन्य पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में वहां पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने उन पर पोस्ता की खेती और कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाया। महिला के मुताबिक, इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें थाने ले जाया गया। शिकायत में पुलिसकर्मियों के व्यवहार और महिला को अपने साथ ले जाने के घटनाक्रम की जांच की मांग की गई है।
आवेदन में महिला ने रास्ते में भी पिटाई और जातिसूचक गाली-गलौज किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि थाने पहुंचने के बाद प्रताड़ना जारी रही। शिकायत के मुताबिक, उनके हाथ बांधकर लटकाया गया और डंडों से पीटा गया। ये आरोप महिला की ओर से बताए गए घटनाक्रम का हिस्सा हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। गठित जांच दल को शिकायत और संबंधित पुलिसकर्मियों के पक्ष के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी है।
महिला ने अपनी शिकायत में आर्थिक नुकसान का आरोप भी लगाया है। उनका दावा है कि घर में शादी के लिए जमा किए गए 80 हजार रुपये पुलिसकर्मी ले गए। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि अगले दिन छोड़ने से पहले उन पर वीडियो में पोस्ता कारोबार से जुड़ा बयान देने का दबाव बनाया गया। शिकायत में मारपीट के साथ इन घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। रुपये ले जाने और कथित दबाव में बयान बनवाने के आरोपों पर भी जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंची। झारखंड जनाधिकार महासभा ने आठ अक्टूबर को महिला के बयान का वीडियो साझा किया था। इसके बाद नौ अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार पुलिस को मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शिकायत को सार्वजनिक किए जाने के बाद महिला के साथ हुए कथित व्यवहार की जांच की मांग उठी। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जिला पुलिस ने निलंबन और जांच कमेटी गठित करने की कार्रवाई की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लातेहार पुलिस से तत्काल जांच करने, उचित कार्रवाई करने और उसकी जानकारी देने को कहा। उन्होंने ऐसी स्थिति को अस्वीकार्य बताया। उनके निर्देश का केंद्र महिला की शिकायत पर कार्रवाई और घटनाक्रम की जांच था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी तथा सिपाही को निलंबित किया। साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।
महिला के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। उन्होंने लिखित शिकायत देकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया। उनकी मांग है कि महिला द्वारा बताए गए पूरे घटनाक्रम की पड़ताल हो। मामले में आरोप स्थानीय थाना स्तर के पुलिसकर्मियों पर हैं, इसलिए शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचाई गई। अब जांच कमेटी के गठन के बाद शिकायत पर होने वाली आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
दूसरी ओर, पुलिस से जुड़े विवरणों में बताया गया है कि महिला को अफीम कारोबार से संबंधित मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। घटनाक्रम के दौरान महिला द्वारा एक पुलिसकर्मी को दांत काटने की बात भी सामने आई है। इस विवरण की भी जांच होनी है। महिला की शिकायत और पुलिस की ओर से सामने आए घटनाक्रम के बीच अंतर को जांच कमेटी स्पष्ट करेगी। पूछताछ के कारण के साथ महिला के प्रति पुलिसकर्मियों के कथित व्यवहार की पड़ताल इस मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फिलहाल पुष्टि वाली कार्रवाई थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और सिपाही मनीष राम का निलंबन तथा विभागीय जांच शुरू होना है। शिकायत में थाना प्रभारी के साथ तीन अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का आरोप है, लेकिन इसे तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन की संख्या से नहीं जोड़ना चाहिए। मामले में जांच रिपोर्ट या आरोपों पर अंतिम फैसला उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने पुलिस से कार्रवाई की जानकारी मांगी है और गठित कमेटी को महिला की शिकायत सहित पूरे घटनाक्रम की जांच करनी है।
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