झारखंड

मां के जाने से टूटे हेमंत सोरेन: 'वह मेरी हिम्मत का सबसे बड़ा सहारा थीं'

Tara Tandi
8 Oct 2026 12:13 PM IST
मां के जाने से टूटे हेमंत सोरेन: वह मेरी हिम्मत का सबसे बड़ा सहारा थीं
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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को अपनी माँ रूपी सोरेन के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता और वरिष्ठ आदिवासी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद, उनकी माँ ही उनके लिए भावनात्मक ताकत का सबसे बड़ा सहारा थीं।
लगभग 80 वर्षीय रूपी सोरेन का निधन रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में हुआ, जहाँ वे लंबे समय से बीमारी का इलाज करा रही थीं। बुधवार को उनकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा था। बाद में डॉक्टरों दीपक गुप्ता और उज्ज्वल राय ने उनके निधन की पुष्टि की।
इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमंत सोरेन ने 'X' पर एक भावुक संदेश साझा किया: "बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थी। आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गई। माँ..."
रूपी सोरेन का निधन शिबू सोरेन के गुज़रने के लगभग एक साल बाद हुआ है। शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त, 2025 को दिल्ली में हुआ था। उनका निधन सोरेन परिवार के लिए एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति थी, जिसके बाद रूपी सोरेन परिवार के लिए भावनात्मक संबल बनी रहीं।
रूपी सोरेन की शादी 1 जनवरी, 1962 को शिबू सोरेन से हुई थी। वे उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष के दौरान उनके साथ खड़ी रहीं और परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं, जबकि शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन में पूरी तरह सक्रिय रहे।
शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी काम किया।
JMM ने रूपी सोरेन को संघर्ष, त्याग और धैर्य का प्रतीक बताया और कहा कि वे शिबू सोरेन के निधन के बाद भी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं।
पार्टी ने उनके निधन को झारखंड और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उनकी कमी हेमंत सोरेन, उनके परिवार और राज्य की जनता के लिए बहुत दुखद होगी।
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