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JHARKHAND झारखंड: पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने राज्य में पेसा (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरिया) कानून लागू न किए जाने पर हेमंत सोरेन की सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जोरदार जुबानी हमला बोला है। बुधवार को रांची में भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान आदिवासी, दलित, वंचित, शोषित समाज को संवैधानिक अधिकार देता है। भारत सरकार ने पेसा कानून आदिवासियों की ग्राम सभाओं को अधिकार के उद्देश्य से लाया, लेकिन संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस-झामुमो की सरकार इस कानून को राज्य में लागू नहीं होने दे रही। रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से पेसा नियमावली लागू करने की मांग कर रहा है और कई बार सड़कों पर उतर चुका है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर टालमटोल कर रही है। उन्होंने कहा कि “इस सरकार में कांग्रेस कोटे के ऐसे मंत्री और नेता शामिल हैं, जो ‘विदेशी धर्म’ को मानने वाले हैं। वे नहीं चाहते कि पेसा कानून लागू हो, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो ग्राम सभाओं से वैसे तमाम लोग बाहर हो जाएंगे जो ‘विदेशी धर्म’ को मानने वाले हैं। ”
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों की लूट का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बालू, कोयला और पत्थर जैसे संसाधनों की लूट का सिंडिकेट सरकार के संरक्षण में चल रहा है। इसी अवैध धंधे से मुख्यमंत्री की तिजोरी भर रही है। पेसा कानून लागू होते ही यह धंधा बंद हो जाएगा, इसलिए सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। उन्होंने राज्य में लंबित निकाय चुनाव, एससी आयोग की नियुक्ति और पिछड़ों को ट्रिपल टेस्ट के आधार पर आरक्षण देने में हो रही देरी पर भी सरकार को घेरा। दास ने कहा कि राज्य में एक क्षेत्रीय दल की सरकार है और कांग्रेस मात्र “पालकी ढोने का काम” कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी संविधान की रक्षा की बातें तो करते हैं, लेकिन झारखंड में हो रहे अन्याय पर चुप क्यों हैं? पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पेसा कानून और शहरी विकास योजनाओं के तहत झारखंड को केंद्र सरकार से मिलने वाले करीब 3,000 करोड़ रुपये की सहायता अटकी हुई है, जिससे आदिवासी और शहरी दोनों क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ है।
दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा, “राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री हैं, लेकिन आदिवासियों का हक छीना जा रहा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने शीघ्र ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर पेसा कानून लागू नहीं किया, तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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