झारखंड

झारखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मान्यता दिलाने में सरकार नाकाम: IMA

Shantanu Roy
29 Nov 2021 7:50 AM GMT
झारखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मान्यता दिलाने में सरकार नाकाम: IMA
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ndian Medical Association के नवनिर्वाचित नेशनल प्रेसिडेंट और बिहार के ख्याति प्राप्त सर्जन डॉ. सहजानंद सिंह का रविवार को रांची पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया.

जनता से रिश्ता। Indian Medical Association के नवनिर्वाचित नेशनल प्रेसिडेंट और बिहार के ख्याति प्राप्त सर्जन डॉ. सहजानंद सिंह का रविवार को रांची पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया. IMA के डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. अजीत सहित बड़ी संख्या में IMA Jharkhand के पदाधिकारियों ने स्टेट IMA भवन में डॉ. सहजानंद का स्वागत किया. इस मौके पर उन्होंंने झारखंड के डॉक्टर्स की समस्याओं की ओर उनका ध्यान दिलाया.

IMA झारखंड के पदाधिकारियों के साथ की बैठक
IMA National Elected President Dr. Sahajanand Singh ने आईएमए झारखंड के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए. उन्होंने संवेदनशीलता और मानवता के साथ मरीजों की सेवा का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा कि वह भगवान कृष्ण के भक्त हैं और आज भी पटना में महज 50 रुपए की फीस लेकर मरीज देखते हैं. पीड़ित मानव की सेवा करने के बदले में भगवान ने उन्हें सबकुक तो दे दिया है. आप लोग भी हर जगह चाहे सरकारी हो या निजी अस्पताल कुछ न कुछ जरूर जरूरतमंदों के लिए करें.
झारखंड IMA की ओर से डॉ. सुधीर ने नीट पास बच्चों के रुके एडमिशन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर जोरदार ढंग से उठाने का आग्रह किया. डॉ. अजीत ने दो मेडिकल कॉलेजों की मान्यता नहीं मिल पाने और PMCH-MGM में सीट घटाने का जिक्र किया. वहीं डॉ. प्रदीप सिंह ने Medical Protection Act and Clinical Establishment Act का मुद्दा उठाया. इसपर IMA नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस मुद्दे पर सरकार पर दवाब बनाने की सभी से अपील की.इस मीटिंग के बाद डॉ. सहजानंद ने कहा कि 50 बेड से कम वाले निजी अस्पताल को मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से रजिस्ट्रेशन की बाध्यता से मुक्त कर देना चाहिए जैसा कि हरियाणा ने किया है. देशभर के लिए एक Central Medical Protection Act की मांग तेज करने की बात IMA के नेशनल प्रेसिडेंट ने कही. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मिक्सोपैथी और नीट का मामला शीर्षस्थ अदालत में है. ऐसे में उस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा और जल्द से जल्द फैसला आए इसकी अपील जरूर माननीय अदालत से करते हैं.


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