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Godda-Pirpainti rail गोड्डा-पीरपैंती रेल: गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण तीन साल से अटकी है। रेलवे ने 1384 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के कारण काम रुका हुआ है। पहले चरण में 426 एकड़ में से केवल 351.2 एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण हो पाया है और कुछ मौजा में विवाद भी है। दूसरे चरण में भी अधिग्रहण की गति धीमी है।
बिहार के सीमांचल और झारखंड के संताल परगना को जोड़ने वाली प्रस्तावित गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना बीते तीन सालों से जमीन अधिग्रहण के पेच में फंसी है। 68 किमी लंबी उक्त रेल परियोजना के लिए रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2022 में स्वीकृति दी थी। इसके लिए 1384 करोड़ रुपए का आवंटन भी जारी कर दिया गया।
परियोजना में राज्यांश नहीं लिया जा रहा है। पूरा खर्च रेलवे वहन कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता इसमें आड़े आ रही है। गोड्डा से महागामा तक प्रथम फेज में जमीन अधिग्रहण में 26.78 एकड़ सरकारी गैर मजरुआ जमीन का एनओसी झारखंड सरकार को देना है। छह माह से फाइल राज्य मुख्यालय में पड़ी है।
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