
गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के सियारंगी गांव निवासी शंकर सिंह उर्फ बिंदु हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करीब एक महीने से रहस्य बनी हुई इस हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मृतक के बहनोई चंदन कुमार भोक्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत बसहा जंगल से युवक का कंकाल बरामद किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला सामने आने की बात कही जा रही है।
पुलिस के अनुसार, शंकर सिंह उर्फ बिंदु सियारंगी गांव का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से लापता था। परिजनों की ओर से उसकी खोजबीन की जा रही थी, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और जांच शुरू की गई। पुलिस ने इस दौरान कई लोगों से पूछताछ की और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाने का प्रयास किया।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के बहनोई चंदन कुमार भोक्ता की भूमिका संदिग्ध लगी। पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा होने लगा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने ही शंकर सिंह की हत्या की थी और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे पीरटांड़ क्षेत्र से धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र स्थित बसहा जंगल ले गया था।
आरोपी की निशानदेही के बाद गुरुवार को पुलिस की टीम बसहा जंगल पहुंची और वहां से मानव कंकाल बरामद किया। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। अब वैज्ञानिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पहचान और हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी चंदन कुमार भोक्ता ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है। उसने पूछताछ में वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताए हैं। हालांकि पुलिस अभी मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के सभी कारणों और घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आ सके।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग का विवाद हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आखिर ऐसा क्या कारण था जिसके चलते आरोपी ने अपने ही रिश्तेदार की हत्या कर दी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारण और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।
घटना के खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि जिस व्यक्ति पर परिवार का भरोसा था, उसी ने कथित रूप से इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। मृतक के परिजनों में घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश है। उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या आरोपी ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया।
फोरेंसिक टीम की मदद से बरामद कंकाल और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच से हत्या की पुष्टि करने और पूरे मामले को मजबूत तरीके से अदालत के सामने रखने में मदद मिलेगी।
गिरिडीह पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार जांच अभियान चलाया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना हो, साक्ष्यों और जांच के आधार पर दोषियों तक पहुंचा जा सकता है। इसी प्रयास के तहत पुलिस ने एक महीने के भीतर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शंकर सिंह की अचानक गुमशुदगी के बाद से ही गांव में चिंता का माहौल था। अब पुलिस द्वारा कंकाल बरामद किए जाने और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की तस्वीर साफ होने लगी है। हालांकि परिवार को अपने सदस्य को खोने का गहरा दुख है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित जांच, तकनीकी साक्ष्य और आरोपी से पूछताछ की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। शव को छिपाने के बाद भी अपराधी अक्सर जांच के दायरे में आ जाते हैं, क्योंकि आधुनिक जांच तकनीकों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाओं की कड़ियां जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर हत्या में प्रयुक्त साधन, घटना की सही तारीख, वारदात की योजना और अन्य संभावित पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





