
गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले से दुर्गा पूजा के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां धनवार प्रखंड के जरीसिंगा पंचायत अंतर्गत मनगसो गांव में रविवार, 18 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। हादसे में एक महिला और उसकी पांच वर्षीय मासूम भतीजी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान गांव निवासी वैद्यनाथ विश्वकर्मा की पत्नी कविता देवी (26 वर्ष) और गुड्डू राणा की पांच वर्षीय बेटी शीतल कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। जिस घर में दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई।
दुर्गा पूजा का प्रसाद बनाते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम कविता देवी अपने घर में दुर्गा पूजा के लिए प्रसाद तैयार कर रही थीं। घर के सदस्य त्योहार की तैयारियों में व्यस्त थे। इसी दौरान पांच किलो के छोटे गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। सिलेंडर में आग लगने से घर में मौजूद लोग घबरा गए।
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोग सिलेंडर में लगी आग बुझने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच अचानक सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि सिलेंडर दरवाजे से टकराया और उसकी चपेट में कविता देवी तथा पास मौजूद पांच वर्षीय शीतल कुमारी आ गईं।
तेज धमाके से दहल उठा पूरा गांव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। घर के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कविता देवी के रिश्तेदार बिटेश राणा ने बताया कि धमाके की आवाज पूरे गांव में सुनाई दी। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण भी हादसे की जानकारी मिलने पर स्तब्ध रह गए।
त्योहार की तैयारियों के बीच अचानक हुई इस दुर्घटना से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
पांच वर्षीय बच्ची की मौके पर ही मौत
गैस सिलेंडर विस्फोट में पांच वर्षीय शीतल कुमारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं कविता देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए धनवार रेफरल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
एक ही परिवार में दो लोगों की मौत की खबर से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मासूम बच्ची और उसकी चाची की असमय मौत ने ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया।
एक ही परिवार में दो मौतों से पसरा मातम
दुर्गा पूजा को लेकर गांव में उत्सव का माहौल था। परिवार के लोग धार्मिक आयोजन और पूजा-पाठ की तैयारियों में जुटे हुए थे। लेकिन रविवार की शाम हुए हादसे ने सभी खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया।
कविता देवी की उम्र महज 26 वर्ष थी। बताया गया है कि उनके परिवार में पति वैद्यनाथ विश्वकर्मा और एक छोटा बच्चा है। वहीं पांच वर्षीय शीतल कुमारी की मौत से उसके माता-पिता और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं।
परिवार में एक साथ दो मौतों के कारण मातम का माहौल है। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।
सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
हादसे की सूचना मिलने के बाद परसन ओपी प्रभारी सोनू कुमार पुलिस बल के साथ मनगसो गांव पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जानकारी के अनुसार, मृतकों के परिजनों ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने घटना से संबंधित जानकारी जुटाई है। हालांकि, सिलेंडर में आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छोटे गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल में सावधानी जरूरी
इस दर्दनाक हादसे ने घरेलू गैस सिलेंडरों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से छोटे गैस सिलेंडरों का उपयोग करते समय सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
गैस सिलेंडर में रिसाव, खराब रेगुलेटर, क्षतिग्रस्त पाइप या अनुचित रखरखाव जैसी स्थितियां दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती हैं। हालांकि, मनगसो गांव में हुई घटना के पीछे इनमें से कौन-सा कारण था, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गैस की गंध आने पर चूल्हा नहीं जलाना चाहिए और बिजली के स्विच भी नहीं छूने चाहिए। यदि सुरक्षित हो तो गैस की आपूर्ति बंद कर सभी लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए।
सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में उसके पास खड़े रहना या आग अपने आप बुझने का इंतजार करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत दमकल और आपातकालीन सेवाओं को सूचना देनी चाहिए।
पूजा की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गिरिडीह के मनगसो गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। रविवार की शाम तक जिस घर में दुर्गा पूजा के प्रसाद की तैयारी चल रही थी, वहां कुछ ही पलों में दो जिंदगियां समाप्त हो गईं।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पांच वर्षीय शीतल कुमारी और उसकी चाची कविता देवी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह दर्दनाक घटना घरेलू गैस उपकरणों के उपयोग में सावधानी और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षित दूरी बनाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।





