
Jharkhnd: गढ़वा में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में 80 गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी कुमार मयंक भूषण की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अनुमंडल कार्यालय में हुई, जिसमें विभिन्न दलों के अध्यक्ष, सचिव और बीएलए-1 शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के हर चरण की जानकारी साझा करना और इसे पारदर्शी एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराना था। एसडीओ ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है और इसमें हर पात्र नागरिक का नाम शामिल होना चाहिए, जबकि मृत, स्थानांतरित या अपात्र व्यक्तियों के नाम नियमानुसार हटाए जाने चाहिए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस विशेष अभियान में प्रशासन का पूरा सहयोग करें और अपने स्तर पर जागरूकता फैलाएं। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि दल अपने-अपने मतदान केंद्रों पर नियुक्त बीएलए-2 को बीएलओ के साथ लगातार संपर्क में रहने के लिए प्रेरित करें, ताकि किसी भी स्तर पर गलती की संभावना न रहे। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और आजसू सहित कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा कार्यपालक दंडाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की पूरी प्रक्रिया और चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, जिसमें घर-घर जाकर सत्यापन, प्रारूप सूची का प्रकाशन और दावा-आपत्ति का निपटारा शामिल है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक गणना चरण में घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद 29 जुलाई को मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया जाएगा। 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्तियां ली जाएंगी, जबकि 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 तक उनका निपटारा किया जाएगा। अंत में 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आने वाले चुनावों में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।





