
गढ़वा। झारखंड की राजनीति में गढ़वा और भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की जिला समिति ने पार्टी से जुड़े नेता दीपक प्रताप देव को अनुशासन उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने उनसे एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामले को केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजने की चेतावनी दी गई है। यह कार्रवाई झामुमो जिला समिति की ओर से की गई है। जिला सचिव शरीफ अंसारी ने जिला अध्यक्ष शंभु राम के निर्देश पर दीपक प्रताप देव को नोटिस जारी किया। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच से पार्टी विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ बयानबाजी की और संगठन की मर्यादा का उल्लंघन किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयान बने कार्रवाई की वजह
पार्टी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि 3 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया, यूट्यूब, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से दीपक प्रताप देव की प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी सामने आई थी। आरोप है कि उन्होंने झामुमो का पट्टा पहनकर प्रेस वार्ता की और भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ सार्वजनिक बयान दिए। इसके अलावा दीपक प्रताप देव ने वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में अनंत प्रताप देव के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा भी की थी। उन्होंने कहा था कि विधायक जिस सीट से चुनाव लड़ेंगे, वह भी उसी क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरेंगे। झामुमो ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ गंभीर मामला माना है।
संगठन ने बताया अनुशासनहीनता
झामुमो जिला समिति का कहना है कि पार्टी के किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता द्वारा सार्वजनिक मंच से निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ बयान देना संगठन की नीति और सिद्धांतों के विपरीत है। पार्टी ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से संगठन की छवि प्रभावित होती है। नोटिस में दीपक प्रताप देव से पूरे मामले पर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। उन्हें नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर जिला कार्यालय में लिखित जवाब जमा करना होगा। पार्टी उनके जवाब की समीक्षा करने के बाद आगे की कार्रवाई का फैसला करेगी।
गढ़वा की राजनीति में बढ़ी हलचल
गढ़वा और भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में इस घटनाक्रम को काफी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो ने भाजपा के वरिष्ठ नेता भानु प्रताप शाही को चुनौती देने के लिए मजबूत रणनीति तैयार की थी। उस समय विधायक अनंत प्रताप देव, ताहिर अंसारी और दीपक प्रताप देव एक साथ सक्रिय नजर आए थे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस एकजुटता ने चुनावी माहौल में झामुमो को मजबूती दी थी। लेकिन अब करीब डेढ़ साल बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। दीपक प्रताप देव का विधायक के खिलाफ सार्वजनिक रूप से मोर्चा खोलना संगठन के अंदर बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।
2029 चुनाव को लेकर सियासी चर्चा तेज
दीपक प्रताप देव की ओर से 2029 विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भवनाथपुर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है तो इसका असर झामुमो की आंतरिक राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक विधायक अनंत प्रताप देव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर दीपक प्रताप देव के जवाब और पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है।
झामुमो ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा में जवाब नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में मामला केंद्रीय कार्यालय भेजा जाएगा। इसके बाद पार्टी संविधान के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, कारण बताओ नोटिस के बाद गढ़वा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यह विवाद केवल पार्टी के अंदर का मामला नहीं रह गया है, बल्कि भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।





