
Jharkhand झारखण्ड : बुरामारा–चाकुलिया नई रेल लाइन परियोजना के तहत वन विभाग से फॉरेस्ट क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के लिए रेलवे प्रशासन ने आवश्यक सर्वेक्षण पूरा करने के बाद संबंधित वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित रेल लाइन का कुछ हिस्सा झारखंड के चाकुलिया क्षेत्र के आसपास के वन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इसी कारण परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले पर्यावरण और वन विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए पहले विस्तृत सर्वे किया गया है, जिसमें संभावित मार्ग, वन भूमि उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन शामिल है। इसके बाद ही फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई है।
रेलवे ने इस संबंध में वन विभाग को आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट सौंपते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया है। अब इस पूरे प्रस्ताव पर वन विभाग की ओर से विस्तृत समीक्षा की जाएगी। विभाग यह आकलन करेगा कि प्रस्तावित रेल लाइन से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा और क्या वैकल्पिक मार्गों की संभावना है या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेल लाइन के बनने से न केवल यात्री परिवहन में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, वन क्षेत्र के उपयोग को लेकर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी सामने है। इसी कारण वन विभाग से मंजूरी मिलना इस परियोजना के लिए एक अहम चरण माना जा रहा है।
अब आगे की प्रक्रिया वन विभाग के निर्णय पर निर्भर करेगी। विभाग की मंजूरी मिलने के बाद ही परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
रेलवे और प्रशासन दोनों ही इस परियोजना को लेकर सकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं, लेकिन पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता बनी हुई है।





