झारखंड

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के तहत आज और कल अंतिम विशेष शिविर

Kavita2
22 Aug 2026 2:35 PM IST
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के तहत आज और कल अंतिम विशेष शिविर
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रांची। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत रविवार 22 अगस्त और सोमवार 23 अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर दूसरी और अंतिम विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, छूटे हुए मतदाताओं की जानकारी देने और जरूरी सुधार कराने का अवसर मिलेगा। जिन नागरिकों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फार्म-6 भरकर संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को जमा कर सकते हैं।

निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम विशेष शिविर का लाभ उठाएं और मतदाता सूची में अपना नाम जांच लें। विभाग का उद्देश्य पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करना तथा मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाना है।

22 और 23 अगस्त को विशेष शिविर

एसआईआर के तहत पहले भी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। अब 22 और 23 अगस्त को दूसरी एवं अंतिम विशेष शिविर लगाई जाएगी। इन दोनों दिनों में संबंधित मतदान केंद्रों पर बीएलओ मौजूद रहेंगे और मतदाताओं से जुड़े दावों एवं आपत्तियों को प्राप्त करेंगे।

जिन नागरिकों को प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम नहीं मिलता है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-6 भरकर नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा मतदाता सूची में किसी तरह की त्रुटि होने पर संबंधित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।

निर्वाचन विभाग ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर अपने नाम और विवरण की जांच अवश्य करें। इससे पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी योग्य मतदाता का नाम छूटने की आशंका कम होगी।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शुक्रवार को राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में एसआईआर की प्रगति और अंतिम विशेष शिविर को लेकर चर्चा की गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाले अंतिम विशेष शिविर को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी जरूरी है।

राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के प्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की गई है कि वे अपने क्षेत्र के मतदाताओं को शिविर की जानकारी दें और पात्र लोगों को मतदाता सूची से संबंधित दावे या आवेदन दाखिल करने के लिए प्रेरित करें।

प्रारूप सूची में नाम नहीं तो करें आवेदन

विशेष शिविर के दौरान सबसे महत्वपूर्ण सुविधा उन नागरिकों के लिए होगी, जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है। ऐसे पात्र नागरिक फार्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

बीएलओ शिविर में लोगों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी देंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि आवेदन करते समय आवश्यक जानकारी और दस्तावेज सही तरीके से उपलब्ध कराएं, ताकि उनके आवेदन की जांच और प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

मतदाता सूची में नाम शामिल होना मतदान के अधिकार के इस्तेमाल के लिए जरूरी है। इसलिए जिन नागरिकों ने अब तक प्रारूप सूची में अपना नाम नहीं देखा है, उनके लिए यह अंतिम विशेष शिविर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीएलओ की रहेगी मौजूदगी

दोनों दिनों में संबंधित मतदान केंद्रों पर बीएलओ की मौजूदगी रहेगी। बीएलओ मतदाताओं से आवेदन प्राप्त करने के साथ उन्हें आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी देंगे। निर्वाचन विभाग की ओर से शिविरों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं।

विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस विशेष अवसर का लाभ उठा सकें। इसके लिए राजनीतिक दलों, स्थानीय स्तर के प्रतिनिधियों और मतदाताओं से सहयोग की अपील की गई है।

मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर

विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने के साथ सूची में मौजूद गलतियों को दूर करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए सही मतदाता सूची महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए निर्वाचन विभाग की ओर से नागरिकों से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे सूची में अपना नाम और अन्य विवरण जांचें और किसी तरह की समस्या होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें।

अंतिम मौका न चूकें

22 और 23 अगस्त को होने वाला विशेष शिविर एसआईआर के तहत दूसरी और अंतिम विशेष शिविर है। ऐसे में जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है या जिन्हें अपने नाम से संबंधित किसी तरह की आपत्ति या सुधार दर्ज कराना है, उनके लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है।

निर्वाचन विभाग ने सभी संबंधित पक्षों से शिविर को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी कहा गया है कि वे अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करें। विभाग को उम्मीद है कि अंतिम विशेष शिविर के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया में भागीदारी करेंगे।

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