झारखंड

सरायकेला में फर्जी JSSC अधिकारी का खुलासा

Saba Naaz
9 July 2026 5:19 PM IST
सरायकेला में फर्जी JSSC अधिकारी का खुलासा
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सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में ग्रामीणों की सतर्कता से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड़ गांव में गुरुवार को जेएसएससी (JSSC) पीजीटी सहायक आचार्य पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी करने पहुंचे एक युवक को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर चौका थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से कई फर्जी दस्तावेज, अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और अन्य संदिग्ध कागजात बरामद किए हैं। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा फर्जीवाड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है।

अभ्यर्थी की समझदारी से पकड़ा गया ठग

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित अभ्यर्थी के मोबाइल पर बुधवार को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को जेएसएससी कार्यालय का बड़ा अधिकारी बताते हुए दावा किया कि पीजीटी सहायक आचार्य पद पर उसकी सरकारी नौकरी पक्की हो गई है। आरोपी ने नौकरी दिलाने के बदले तुरंत 10 लाख रुपये की मांग की। उसने अभ्यर्थी पर दबाव बनाते हुए कहा कि अगर समय पर पैसे नहीं दिए गए तो यह मौका किसी दूसरे उम्मीदवार को दे दिया जाएगा। बातचीत के दौरान अभ्यर्थी को शक हुआ। उसने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को पैसे देने के बहाने बड़ामटांड़ गांव बुलाया और इसकी जानकारी पहले ही ग्रामीणों को दे दी। जैसे ही आरोपी रुपये लेने पहुंचा, पहले से तैयार ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

मूल प्रमाण पत्र और ब्लैंक चेक लेने का तरीका

पुलिस की शुरुआती जांच में ठगी के एक बड़े नेटवर्क की आशंका सामने आई है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उनसे एडवांस के रूप में कई जरूरी दस्तावेज लेता था। आरोपी कथित तौर पर अभ्यर्थियों से उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और दो हस्ताक्षर किए हुए ब्लैंक चेक अपने पास रख लेता था। इसके बाद फर्जी जॉइनिंग लेटर दिखाकर 10 लाख रुपये की रकम वसूलने की योजना थी। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बना रहा हो सकता है।

बैग से मिले कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज

आरोपी की तलाशी के दौरान उसके बैग से जेएसएससी भर्ती से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज, अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए हैं। दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। बरामद कागजातों के आधार पर प्रभावित अभ्यर्थियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

चौका थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारी खंगाल रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और अगर इस नेटवर्क में और लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की सतर्कता से जहां एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया, वहीं यह घटना बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने का संदेश भी देती है।

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