झारखंड

झारखंड में परीक्षा विवाद गरमाया, प्रदर्शन के बीच AISA अध्यक्ष पर स्याही से हमला

Ratna Netam
7 Aug 2026 6:36 PM IST
झारखंड में परीक्षा विवाद गरमाया, प्रदर्शन के बीच AISA अध्यक्ष पर स्याही से हमला
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रांची : झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को उस समय और गरमा गया, जब विधानसभा घेराव के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रदेश अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक अज्ञात व्यक्ति ने काली स्याही फेंक दी। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया और मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। वहीं राज्य सरकार ने पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों से संवाद का भरोसा दिलाया और कहा कि उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
दरअसल, AISA सहित कई छात्र संगठनों के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राएं राज्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में विधानसभा घेराव के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों के कारण हजारों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। छात्र संगठनों ने मांग की कि सभी विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान जब छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तभी सुरक्षा घेरे के बीच अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने AISA की प्रदेश अध्यक्ष नेहा बोरा पर काली स्याही फेंक दी। घटना के बाद आरोपी मौके से भागने में सफल रहा। स्याही फेंके जाने की इस घटना से प्रदर्शनकारी छात्र भड़क उठे और उन्होंने इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जिसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में नेहा बोरा ने कहा कि इस तरह की कायराना हरकतों से छात्र आंदोलन कमजोर नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन छात्र अपने अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है और इस लड़ाई को हर हाल में जारी रखा जाएगा।
नेहा बोरा ने कहा कि छात्रों की मांग केवल निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की है। उनका कहना था कि यदि परीक्षाएं ईमानदारी से आयोजित हों और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिले, तो युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि विवादित परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक और छात्र को अपनी बात रखने का अधिकार है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और यदि छात्रों के मन में परीक्षाओं को लेकर कोई शंका या शिकायत है, तो सरकार उनके प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि संवाद के माध्यम से ही किसी भी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अलोकतांत्रिक गतिविधि का समर्थन नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्याही फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। विधानसभा परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग भी बढ़ा दी गई है।
उधर, छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि राज्यभर के अभ्यर्थियों को जोड़कर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। छात्रों का मानना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और जब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रांची में हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सबकी नजर सरकार और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है और स्याही फेंकने की घटना में शामिल आरोपी के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।
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