
Jharkhand: चाईबासा के किरीबुरू और मेघाहातुबुरु क्षेत्र में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों ने स्थानीय लोगों, ग्रामीणों और औद्योगिक इकाइयों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले दो दिनों से हाथियों का झुंड लगातार रिहायशी और खदान क्षेत्रों में प्रवेश कर रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
29 जून की रात करीब 11 बजे एक हाथी किरीबुरू-हिलटॉप मुख्य मार्ग पार कर मेघाहातुबुरु खदान के मैकेनिकल शॉवेल सेक्शन में घुस गया। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और सभी सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। कुछ देर बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया, लेकिन सुबह उसे पुराने मैगजीन हाउस के पास फिर देखा गया। इसी तरह 30 जून की दोपहर करीब 12 बजे एक अन्य दत्तेल हाथी किरीबुरू खदान के हिलटॉप स्थित डालमिया पानी फिल्टर प्लांट परिसर में घुस आया। इससे प्लांट में काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। इससे पहले इस हाथी ने जंगल किनारे बकरी चरा रही एक महिला को दौड़ा दिया, हालांकि महिला गिरने के बावजूद सुरक्षित बच गई।
सेल के किरीबुरू और मेघाहातुबुरु क्षेत्र के अलावा डालमिया प्लांट परिसर में हाथियों की घुसपैठ से औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। कर्मचारियों ने बताया कि अचानक हाथियों के आने से कामकाज रोककर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।= वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है। विभाग ड्रोन की मदद से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सारंडा के जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण हाथी अब आबादी और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। यदि समय रहते प्रभावी प्रबंधन नहीं किया गया तो मानव-हाथी संघर्ष और अधिक बढ़ सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा भी बढ़ जाएगा। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और किसी भी स्थिति में उनके करीब न जाएं। फिलहाल इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।





