झारखंड

कोयला माफिया पर ED का बड़ा वार, दस्तावेज और संपत्ति की जांच

Saba Naaz
28 July 2026 8:43 PM IST
कोयला माफिया पर ED का बड़ा वार, दस्तावेज और संपत्ति की जांच
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धनबाद, झारखंड: अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड के धनबाद में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने कोयला कारोबार से जुड़े कथित सिंडिकेट और कोयला माफिया एलबी सिंह व उनके सहयोगियों के 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ईडी ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का पता लगाकर उसे फ्रीज कर दिया है।

ईडी की कार्रवाई मंगलवार तड़के करीब 5 बजे शुरू हुई, जिसमें 25 अलग-अलग टीमों ने धनबाद के कई इलाकों में एक साथ दबिश दी। छापेमारी देर रात तक जारी रही। जांच एजेंसी ने इस दौरान आरोपियों के घरों, कार्यालयों और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर तलाशी ली। अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

जांच के दौरान ईडी को आरोपियों के ठिकानों से नकदी, बैंक खातों में जमा राशि और म्यूचुअल फंड निवेश के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला। एजेंसी ने इन सभी संपत्तियों को आगे की जांच तक फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा 100 से अधिक प्रॉपर्टी दस्तावेज, सेल डीड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल ईडी की टीम इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कोयला कारोबार से कितनी संपत्ति अर्जित की गई।

इस बड़ी कार्रवाई के दायरे में कोयला कारोबार से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। ईडी ने मुख्य आरोपी एलबी सिंह के अलावा अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। एजेंसी इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है।

ईडी ने धनबाद में अवैध कोयला खनन और तस्करी के नेटवर्क की जांच के लिए चार अलग-अलग एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की हैं। जांच एजेंसी को शक है कि आरोपियों ने अवैध तरीके से कोयला निकालने, उसका परिवहन करने और बिक्री के जरिए बड़े पैमाने पर काला धन जमा किया। इसी अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का सहारा लिया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार धनबाद में लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार का नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी मिल रही थी। इस नेटवर्क के जरिए सरकारी खनिज संपदा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक अपराध किए जाने के आरोप हैं। ईडी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।

इससे पहले भी ईडी ने नवंबर 2025 में एलबी सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। उस समय धनबाद और दुमका स्थित करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। पिछली कार्रवाई में एजेंसी को 2.20 करोड़ रुपये नकद और 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज मिले थे। इन दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की जांच बढ़ाई गई और अब दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है।

ईडी अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में यदि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की पुष्टि होती है तो आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हैं और अवैध कोयला कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।

धनबाद कोयला उत्पादन के लिए देश के प्रमुख क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां अवैध खनन और कोयला तस्करी को लेकर समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। ईडी की इस कार्रवाई को अवैध कोयला कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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