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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की ED जांच शुरू, JSSC-CGL भी दायरे में

Kavita2
10 Aug 2026 12:42 PM IST
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की ED जांच शुरू, JSSC-CGL भी दायरे में
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रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने राज्य में आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं, खासकर झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन-कॉमन ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा से जुड़ी शिकायतों और आरोपों को जांच के दायरे में लिया है।

अधिकारियों के मुताबिक, ED ने राज्य पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की ओर से दर्ज FIR और सामने आई कुछ अन्य शिकायतों का संज्ञान लिया है। इसके आधार पर एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच शुरू की है।

केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई से झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। जांच में कथित अनियमितताओं के साथ-साथ उनसे जुड़े संभावित वित्तीय लेनदेन और धन के प्रवाह की भी पड़ताल किए जाने की संभावना है।

JSSC-CGL परीक्षा भी जांच के केंद्र में

झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित की जाने वाली JSSC-CGL परीक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, अनियमितता और अन्य शिकायतों को लेकर विवाद सामने आया था। अब ED ने इसी परीक्षा को भी अपनी जांच के दायरे में शामिल किया है।

अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं के पीछे किसी तरह का संगठित नेटवर्क या आर्थिक लेनदेन तो नहीं था। हालांकि, जांच के इस चरण में यह स्पष्ट नहीं है कि कथित अनियमितताओं में कौन-कौन से व्यक्ति या संस्थाएं सीधे तौर पर शामिल हैं।

ED की जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों, परीक्षा आयोजन से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जानकारी की जांच की जा सकती है।

CID की FIR के आधार पर संज्ञान

अधिकारियों ने बताया कि ED ने झारखंड पुलिस की CID द्वारा दर्ज FIR का संज्ञान लिया है। इसके अलावा कुछ अन्य शिकायतों को भी जांच के लिए आधार बनाया गया है।

PMLA के तहत ED आम तौर पर उन मामलों की जांच करती है, जहां किसी अनुसूचित अपराध से जुड़े कथित अपराध की आय को वैध बनाने या उसका इस्तेमाल करने का संदेह हो। ऐसे मामलों में एजेंसी संबंधित वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की जांच कर सकती है।

इस मामले में भी ED की जांच का फोकस केवल परीक्षा में कथित अनियमितता तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि यदि किसी आर्थिक अपराध या अवैध धन के इस्तेमाल के संकेत मिलते हैं तो उसके स्रोत और लाभार्थियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा सकता है।

कई भर्ती परीक्षाओं की भी होगी पड़ताल

अधिकारियों ने बताया कि जांच केवल JSSC-CGL तक सीमित नहीं है। झारखंड में आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ED किन-किन परीक्षाओं से संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी। एजेंसी द्वारा जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा आयोजन से जुड़े विभागों, संस्थाओं और अन्य संबंधित पक्षों से जानकारी मांगी जा सकती है।

भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ता है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवार लंबे समय तक मेहनत करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक, अनुचित साधनों या अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर पूरी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

वित्तीय पहलू पर भी नजर

PMLA के तहत जांच शुरू होने के कारण मामले का वित्तीय पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि परीक्षा से संबंधित किसी कथित अनियमितता में अवैध धन का इस्तेमाल हुआ या नहीं और यदि हुआ तो उस धन का स्रोत क्या था।

जांच के दौरान परीक्षा आयोजन से जुड़े भुगतान, ठेके, सेवाओं के लिए किए गए वित्तीय लेनदेन और संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के खातों की जानकारी की जांच की जा सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

ED की जांच का उद्देश्य कथित अपराध से संबंधित धन के प्रवाह और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को स्थापित करना होगा। यदि जांच में PMLA के तहत अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो एजेंसी आगे कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

अभ्यर्थियों के बीच भी बढ़ी चिंता

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच पहले से ही चिंता रही है। परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों से उम्मीदवारों के भविष्य पर असर पड़ता है और कई बार परीक्षाओं को रद्द करने या दोबारा कराने की मांग उठती है।

JSSC-CGL जैसे बड़े स्तर की परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होते हैं। ऐसे में जांच का परिणाम भर्ती प्रक्रिया के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

अभ्यर्थियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि ED की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या जांच के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाती है।

जांच के आगे बढ़ने का इंतजार

फिलहाल ED ने PMLA के तहत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य पुलिस CID की FIR और अन्य शिकायतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

आने वाले समय में एजेंसी संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज जुटाने के साथ मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है। जांच में यदि कथित अनियमितताओं और किसी वित्तीय अपराध के बीच संबंध स्थापित होता है, तो मामला और गंभीर रूप ले सकता है।

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच ED की एंट्री ने मामले को नया कानूनी और वित्तीय आयाम दे दिया है। अब जांच से यह सामने आने की उम्मीद है कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के पीछे केवल प्रशासनिक चूक थी या इसके पीछे किसी तरह का संगठित आर्थिक नेटवर्क भी सक्रिय था।

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