
झारखंड: हजारीबाग स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) कार्यालय परिसर में लगातार जहरीले सांप निकलने से कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को एक बार फिर सफाई कर्मी ने परिसर में सांप देखा, जिसके बाद कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों का कहना है कि झाड़ियों और गंदगी के कारण यहां सांपों का बसेरा बन गया है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार 7 जुलाई को सफाई कर्मी वाल्मीकि ने कार्यालय परिसर में एक जहरीले सांप को देखा। उसने सांप की तस्वीर और वीडियो बनाने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले ही सांप झाड़ियों में जाकर छिप गया। घटना के बाद कर्मचारियों में भय फैल गया। कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले भी कई बार कार्यालय परिसर में जहरीले सांप निकल चुके हैं।
करीब दो महीने पहले डीटीओ कार्यालय के कंप्यूटर रूम में भी एक जहरीला सांप घुस गया था। सांप को देखकर कार्यालय कर्मियों में हड़कंप मच गया था। बाद में एक सपेरे को बुलाकर सांप को बाहर निकाला गया था। इसके अलावा 23 मई को भी कंप्यूटर कक्ष के पीछे झाड़ियों में कर्मचारियों ने सांप देखा था। कर्मचारियों के अनुसार, डीटीओ कार्यालय के पिछले हिस्से में काफी समय से सफाई नहीं हुई है। वहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इसी कारण जहरीले जीव-जंतुओं के छिपने की संभावना बढ़ गई है। कार्यालय के पीछे स्थित पुराना शिक्षा विभाग का भवन लंबे समय से खाली पड़ा है, जिसके आसपास भी झाड़ियां और गंदगी फैली हुई है।
इसी तरह आरटीए कार्यालय के पास स्थित पुराना डीटीओ भवन भी वर्षों से बंद पड़ा है। यहां पुराने दस्तावेज और सामान रखे हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन जगहों पर भी सांपों के छिपे होने की आशंका बनी रहती है। कई बार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। डीटीओ कार्यालय के कंप्यूटर रूम में रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं और आवेदकों की भी भीड़ लगी रहती है। ऐसे में सांप निकलने की घटनाओं से कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारी काम शुरू करने से पहले अपने आसपास जांच करते हैं और पूरे समय सतर्क रहते हैं।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लगातार सूचना देने के बावजूद परिसर और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई नहीं की जा रही है। अधिकारियों की ओर से सफाई और सुरक्षा उपाय तेज करने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। गौरतलब है कि हजारीबाग में पहले भी सांप के काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ वर्ष पहले पदमा पुलिस पिकेट में तैनात एक पुलिसकर्मी की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी सरकारी परिसरों में सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।
फिलहाल डीटीओ और आरटीए कार्यालय के कर्मचारी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि परिसर की झाड़ियों को तुरंत हटाया जाए, नियमित सफाई कराई जाए और सांपों से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।





