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गोदाम में ड्रग कंट्रोलर का छापा, प्रतिबंधित दवा ऑक्सीटॉसिन बरामद

Deepa Sahu
6 March 2022 5:37 PM IST
गोदाम में ड्रग कंट्रोलर का छापा, प्रतिबंधित दवा ऑक्सीटॉसिन बरामद
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जुगसलाई थाना क्षेत्र के एमई रोड स्थित सेंट जॉन स्कूल के पास विकास रोडवेज के गोदाम से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवा ऑक्सीटॉसिन बरामद किया गया है.

जमशेदपुर : जुगसलाई थाना क्षेत्र के एमई रोड स्थित सेंट जॉन स्कूल के पास विकास रोडवेज के गोदाम से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवा ऑक्सीटॉसिन बरामद किया गया है. प्रारंभिक छानबीन में लगभग 1000 लीटर उक्त दवा जब्त की गई है. वहीं अन्य दवाओं का सर्वे किया जा रहा है. ड्रग इंस्पेक्टर मोहम्मद अबरार अंसारी ने बताया कि विभाग को जुगसलाई में नकली और प्रतिबंधित दवा का कारोबार करने और भारी मात्रा में उक्त दवा मंगाए जाने की जानकारी मिली थी. उक्त सूचना की पुष्टि के बाद विभाग की ओर से एक टीम का गठन किया गया. टीम में जमशेदपुर के तमाम ड्रग इंस्पेक्टर को शामिल किया गया. टीम ने एक साथ जुगसलाई पुलिस के सहयोग से विकास रोडवेज में छापा मारा. छापेमारी के दौरान एक ट्रक से प्रतिबंधित दवा उतारा जा रहा था, पुलिस एवं ड्रग इंस्पेक्टरों को देखकर रोडवेज सह गोदाम का मालिक विकास फरार हो गया. वहीं कुछ मजदूर भी इधर-उधर भागने लगे. उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया और उन्हें दवा उतारने के काम में लगा दिया. ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि दवा कहां से और किसने मंगाया है, इसकी छानबीन की जा रही है. अभी तक कोई भी व्यक्ति अपना दावा जताने नहीं आया है. उन्होंने कहा कि जो दवा बरामद की गई है, उसे भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है.

ऑक्सीटॉसिन का इस्तेमाल मवेशियों में दूध बढ़ाने के लिए होता है
ड्रग इंस्पेक्टर मो. अबरार अंसारी ने बताया कि ऑक्सीटॉसिन एक प्रतिबंधित दवा है. उक्त दवा के सेवन से हार्मोन में परिवर्तन एवं उत्तेजना होती है. मवेशियों में दूध बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. वहीं खाद्य पदार्थ में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. दूध और खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल मनुष्य करता है, जो उसके शरीर के लिए नुकसानदायक है.
पुरुषों में नपुंसकता व महिलाओं में बांझपन का बढ़ता है खतरा
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रतिबंधित ऑक्सीटॉसिन का इस्तेमाल आजकल धड़ल्ले से हो रहा है. मवेशियों को उक्त दवा दिए जाने के बाद उसके दूध का इस्तेमाल करने वाले पुरुषों में जहां नपुंसकता का खतरा बढ़ जाता है. वहीं महिलाओं में बांझपन की संभावना अधिक रहती है. इसलिए सरकार ने उक्त दवा को प्रतिबंधित किया है.
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