झारखंड

गाड़ा हाटिंग बस्ती में गहराया पेयजल संकट, दो घंटे की आपूर्ति से 300 परिवार परेशान

Kavita2
7 Aug 2026 4:17 PM IST
गाड़ा हाटिंग बस्ती में गहराया पेयजल संकट, दो घंटे की आपूर्ति से 300 परिवार परेशान
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किरीबुरू। पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना क्षेत्र की गाड़ा हाटिंग बस्ती में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। करीब 300 परिवारों की आबादी वाली इस बस्ती में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सीमित जलापूर्ति और बढ़ती आबादी के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बस्ती में पेयजल आपूर्ति के लिए सेल प्रबंधन की ओर से फिलहाल केवल एक पाइपलाइन की व्यवस्था की गई है। इसी पाइपलाइन के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक मात्र दो घंटे पानी की आपूर्ति की जाती है। इतने कम समय में बड़ी संख्या में परिवारों की जरूरत पूरी नहीं हो पाने के कारण लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

पानी भरने के लिए लगती है लंबी कतार

जलापूर्ति शुरू होते ही पाइपलाइन के पास बड़ी संख्या में लोग पानी भरने के लिए पहुंच जाते हैं। सीमित समय में अधिक से अधिक पानी जमा करने की कोशिश में लोगों की लंबी कतार लग जाती है। कई बार सभी परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें दूसरे विकल्पों की तलाश करनी पड़ती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बस्ती में परिवारों की संख्या अधिक है, लेकिन पानी की व्यवस्था उस अनुपात में नहीं बढ़ाई गई है। एक ही पाइपलाइन और केवल दो घंटे की आपूर्ति के कारण हर परिवार तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है।

महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी

पेयजल संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ रहा है। घरेलू कामकाज, खाना बनाने, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए पानी की नियमित आवश्यकता होती है। लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण महिलाओं को सुबह से ही पानी जुटाने की चिंता रहती है।

कई महिलाओं को समय पर पानी नहीं मिलने के कारण घरेलू काम प्रभावित होते हैं। कुछ परिवारों को मजबूरी में दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है। गर्मी और अन्य मौसमों में यह समस्या और बढ़ जाती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए रोजाना जद्दोजहद करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि बस्ती में जलापूर्ति की व्यवस्था को बढ़ाया जाए और अतिरिक्त पाइपलाइन या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

बढ़ती आबादी के अनुसार व्यवस्था की मांग

गाड़ा हाटिंग बस्ती के लोगों का कहना है कि वर्तमान जलापूर्ति व्यवस्था वर्षों पुरानी जरूरतों के हिसाब से बनाई गई थी, लेकिन अब आबादी बढ़ने के कारण यह पर्याप्त नहीं रह गई है। करीब 300 परिवारों के लिए केवल एक पाइपलाइन से पानी उपलब्ध कराना लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है।

लोगों ने सेल प्रबंधन से मांग की है कि पानी की आपूर्ति का समय बढ़ाया जाए या फिर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाकर अलग-अलग स्थानों पर जल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे पानी भरने के लिए लगने वाली भीड़ कम होगी और सभी परिवारों को राहत मिल सकेगी।

प्रबंधन से समाधान की उम्मीद

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सेल प्रबंधन जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालेगा। उनका कहना है कि पेयजल एक बुनियादी जरूरत है और इसके लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है।

लोगों का कहना है कि केवल दो घंटे की जलापूर्ति से समस्या का समाधान संभव नहीं है। नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता है।

प्रशासन और प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण

पेयजल संकट को देखते हुए स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और सेल प्रबंधन की पहल पर है। यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बस्ती में बढ़ती आबादी के साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी होता है। पानी जैसी आवश्यक सेवा में कमी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और जीवनशैली पर पड़ता है।

गाड़ा हाटिंग बस्ती के लोग फिलहाल बेहतर जल व्यवस्था की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, ताकि लोगों को रोजाना पानी के लिए संघर्ष न करना पड़े।

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