झारखंड

डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था ठप, धनबाद के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना पर असर

nidhi
31 July 2026 9:20 AM IST
डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था ठप, धनबाद के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना पर असर
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धनबाद में डोर स्टेप डिलीवरी एजेंसी की विफलता से मिड-डे मील संकट

धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के ठप होने से 1000 से अधिक स्कूलों में मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) प्रभावित हो गया है। अनाज और अन्य खाद्य सामग्री की समय पर आपूर्ति नहीं होने के कारण कई सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाला भोजन बंद होने की स्थिति बन गई है।

मिड-डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है, लेकिन आपूर्ति व्यवस्था में आई गड़बड़ी के कारण योजना प्रभावित हो रही है।
डोर स्टेप डिलीवरी एजेंसी नहीं कर पाई काम
जानकारी के अनुसार, स्कूलों तक खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालने वाली डोर स्टेप डिलीवरी एजेंसी समय पर आपूर्ति नहीं कर पाई। इसके चलते कई स्कूलों में चावल और अन्य जरूरी सामग्री की कमी हो गई।
स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने बताया कि सामग्री नहीं मिलने से बच्चों के लिए भोजन तैयार करना मुश्किल हो गया है।
1000 से ज्यादा स्कूलों पर पड़ा असर
धनबाद जिले के बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। हजारों बच्चों को मिलने वाला मध्याह्न भोजन प्रभावित होने से अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन में चिंता बढ़ गई है।
शिक्षकों का कहना है कि मिड-डे मील बच्चों के पोषण और स्कूल आने की प्रेरणा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, इसलिए इसकी आपूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाना चाहिए।
विभाग ने मांगी रिपोर्ट
मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से संबंधित एजेंसी से जवाब मांगा गया है और जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बच्चों को जल्द से जल्द नियमित रूप से भोजन मिल सके।
बच्चों और अभिभावकों में नाराजगी
मिड-डे मील बंद होने से बच्चों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई के साथ बच्चों के पोषण का भी ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
व्यवस्था सुधारने की मांग
शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत किया जाए और ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में खाद्य सामग्री की आपूर्ति बाधित न हो।
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