झारखंड

धनबाद: इलाज में लापरवाही पर भड़के लोग, अस्पताल में काटा हंगामा

Saba Naaz
26 Jun 2026 6:22 PM IST
धनबाद: इलाज में लापरवाही पर भड़के लोग, अस्पताल में काटा हंगामा
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धनबाद। झारखंड के धनबाद से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 24 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही की सारी हदें पार करने का आरोप लगाते हुए परिसर में जमकर हंगामा काटा। परिजनों का दावा है कि अस्पताल ने नाम के कन्फ्यूजन (फेरबदल) में किसी दूसरे मरीज की रिपोर्ट के आधार पर युवक का गलत इलाज कर दिया, जिससे उसकी जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही, जिसे शांत कराने के लिए पुलिस को दखल देना पड़ा।

सड़क हादसे में घायल हुआ था मिथिलेश

मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से गिरिडीह का रहने वाला 24 वर्षीय मिथिलेश कुमार बीते 20 जून को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। वह बाइक से जा रहा था तभी हादसे का शिकार हो गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे बेहतर इलाज के लिए धनबाद के प्रसिद्ध 'एशियन जालान अस्पताल' में भर्ती कराया। अस्पताल में पिछले छह दिनों से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और शुक्रवार (26 जून) को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

नाम के फेरबदल में 'गलत इलाज' का संगीन आरोप

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और उनका धैर्य जवाब दे गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर चिकित्सा में भारी लापरवाही बरतने का सनसनीखेज आरोप लगाया। परिजनों का आरोप: मृतक के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में उनके मरीज का नाम 'मिथिलेश कुमार' था, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ ने किसी दूसरे मरीज 'मिथिलेश पासवान' की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसका इलाज शुरू कर दिया। परिजनों का दावा है कि इस गंभीर लापरवाही के कारण मिथिलेश कुमार को गलत दवाइयां और इंजेक्शन दिए गए, जिससे उसकी स्थिति सुधरने की बजाय लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इसके अलावा, पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर एक और अमानवीय आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवक की मौत हो जाने के बाद जब वे शव को ले जाने लगे, तो अस्पताल प्रबंधन की ओर से बकाया बिल या अन्य मद के नाम पर कथित तौर पर 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई, जिससे परिजनों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया।

अस्पताल प्रबंधन की सफाई: आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर, चौतरफा घिरे एशियन जालान अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इलाज में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, सड़क दुर्घटना में युवक के सिर (मस्तिष्क) पर बेहद गंभीर और जानलेवा चोटें आई थीं। डॉक्टरों की टीम ने पूरी चिकित्सकीय नियमावली और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया था। रही बात पैसों की, तो प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि शव को सौंपने के एवज में किसी भी प्रकार की अवैध या अतिरिक्त राशि नहीं मांगी गई है। नाम के फेरबदल और गलत रिपोर्ट की बात को भी अस्पताल ने बेबुनियाद बताया है।

मौके पर पहुंची पुलिस, निष्पक्ष जांच की मांग

अस्पताल में बढ़ते हंगामे और तनावपूर्ण माहौल की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और कानून व्यवस्था को नियंत्रण में लिया। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में मेडिकल रिपोर्ट बदलने और गलत इलाज की बात सच साबित होती है, तो दोषी डॉक्टरों और प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों का बयान दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।

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