
बोकारो: कसमार प्रखंड के बगदा गांव के किसान गणेश महतो उर्फ गिरधारी ने अपनी मेहनत और आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। सिंचाई के लिए पानी की कमी से परेशान किसान गणेश महतो ने सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय खुद श्रमदान कर कुआं खोदना शुरू कर दिया। उनकी मेहनत और जज्बे को देखकर बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने उनकी सराहना की और कुएं का निर्माण पूरा कराने के साथ-साथ सोलर पंप लगाने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार, बगदा गांव निवासी किसान गणेश महतो लंबे समय से सिंचाई के लिए पानी की समस्या का सामना कर रहे थे। आसपास मौजूद कुओं से उन्हें खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में उन्होंने किसी सरकारी योजना का इंतजार करने के बजाय अपने दम पर समस्या का समाधान निकालने का फैसला किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने खुद कुदाल और अन्य साधनों की मदद से कुआं खोदना शुरू कर दिया। कई दिनों की लगातार मेहनत के बाद गणेश महतो ने कुएं का बड़ा हिस्सा तैयार कर लिया। उनकी इस अनोखी पहल की जानकारी जब जिला प्रशासन तक पहुंची तो बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा सोमवार को खुद किसान के घर पहुंचे और अर्धनिर्मित कुएं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने किसान के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी गणेश महतो ने जिस तरह आत्मनिर्भरता का परिचय दिया है, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी मेहनत सफल हो सके। उपायुक्त ने कसमार के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को निर्देश दिया कि कुएं के बचे हुए निर्माण कार्य का पूरा आकलन तैयार कर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव मिलते ही जरूरी प्रक्रिया पूरी कर कुएं का निर्माण जल्द पूरा कराया जाएगा।
इसके साथ ही उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कुएं पर सोलर पंप लगाने की दिशा में भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सोलर पंप लगने के बाद किसान को सिंचाई के लिए स्थायी सुविधा मिल सकेगी और वह बेहतर तरीके से खेती कर पाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे किसान की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। गणेश महतो की लगातार मेहनत को देखते हुए उपायुक्त ने उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसान का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मेहनत के साथ उसका स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गणेश महतो ने सिंचाई कूप निर्माण के लिए प्रखंड कार्यालय में कोई आवेदन नहीं दिया था। उन्होंने अपनी खेती की जरूरत और पानी की समस्या को देखते हुए खुद ही कुआं खोदने का निर्णय लिया। उनकी इस पहल ने यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इस पूरे मामले में उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों को भी निर्देश दिया कि गांव में बनी सरकारी परिसंपत्तियों का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति को लाभ देना नहीं, बल्कि पूरे समाज का विकास करना है। गांव में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना जरूरी है।
उपायुक्त ने गणेश महतो को जिला स्तर पर सम्मानित करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मेहनती और जुझारू लोग समाज के लिए प्रेरणा होते हैं और उनके प्रयासों को सम्मान मिलना चाहिए। डीसी के निरीक्षण के दौरान बीडीओ नम्रता जोशी, अंचल अधिकारी नागेंद्र सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कुएं का निर्माण जल्द पूरा कराया जाएगा और किसान गणेश महतो को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।





