
देवघर। देवघर का प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ता रहा। इस वर्ष सावन में शिव, सोमवार और चार सोमवार का विशेष संयोग रहा। मेले के दौरान दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी, जिसने अब तक के कई रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। वहीं तीसरे सोमवार को भी बाबा बैद्यनाथ धाम में अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिली। हालांकि सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को अपेक्षाकृत कम भीड़ नजर आ रही है।
सुबह की सरदारी पूजा के बाद बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुलभ जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया। भक्त कतारबद्ध होकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर रहे हैं और पवित्र जल अर्पित कर सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना हुआ है।
फूलों से सजा बाबा बैद्यनाथ का दरबार
सावन के चौथे सोमवार के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर को विशेष रूप से फूलों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में रंग-बिरंगे फूलों की सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। फूलों की खुशबू से पूरा वातावरण महक रहा है। वहीं मंदिर में जल रहे धूप-दीप से उठता धुआं वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक और पवित्र बना रहा है।
बाबा के दरबार में पहुंचने वाले श्रद्धालु इस मनमोहक दृश्य को देखकर भावविभोर नजर आए। भक्तों के बीच बाबा बैद्यनाथ के जयकारे गूंजते रहे। मंदिर परिसर में हर तरफ भक्ति और आस्था का माहौल दिखाई दिया। दूर-दराज से पहुंचे कांवड़िए और स्थानीय श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार बाबा का पूजन और जलार्पण कर रहे हैं।
दूसरे सोमवार को टूटा भीड़ का रिकॉर्ड
इस वर्ष श्रावणी मेले में सबसे अधिक चर्चा दूसरे सोमवार की रही। दूसरे सोमवार को बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। भीड़ का दबाव इतना अधिक रहा कि इसे मेले के अब तक के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में गिना गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु देवघर पहुंचे और बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित किया।
इसके बाद तीसरे सोमवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर और मेला क्षेत्र में जबरदस्त चहल-पहल रही। लगातार दो सोमवार तक भारी भीड़ रहने के बाद चौथे सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है। हालांकि इसके बावजूद बाबा के दरबार में भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं है।
सुलभ जलार्पण का सिलसिला जारी
चौथे सोमवार की सुबह सरदारी पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए सुलभ जलार्पण शुरू किया गया। श्रद्धालु कतार में लगकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर में दर्शन और पूजा की व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सावन के अंतिम सोमवार के कारण बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन को विशेष पुण्यदायी मानकर देवघर पहुंचे हैं। कई श्रद्धालुओं के लिए यह सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन का अंतिम अवसर भी है। यही वजह है कि अपेक्षाकृत कम भीड़ के बावजूद मंदिर परिसर में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
28 तारीख को पूर्णिमा के साथ सावन का विराम
सावन का पवित्र महीना अब समाप्ति की ओर है। 28 तारीख को पूर्णिमा के साथ सावन मास का समापन होगा। इसके साथ ही इस वर्ष के श्रावणी मेले का भी समापन चरण में पहुंच जाएगा। पूरे सावन के दौरान देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
श्रावण मास में बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण की विशेष धार्मिक मान्यता है। मान्यता के अनुसार सावन में बाबा को पवित्र जल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं।
कांवड़ियों की आस्था का केंद्र रहा देवघर
श्रावणी मेले के दौरान देवघर की सड़कों पर कांवड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। श्रद्धालु लंबी दूरी तय कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और बाबा का जलाभिषेक किया।
सावन के चारों सोमवार में भक्तों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दूसरे और तीसरे सोमवार को जहां रिकॉर्ड और अप्रत्याशित भीड़ ने प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ाई, वहीं चौथे सोमवार को अपेक्षाकृत राहत दिखाई दे रही है। इससे मंदिर और मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में भी सुविधा हो रही है।
आस्था, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम
चौथे सोमवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर की फूलों से हुई सजावट ने श्रद्धालुओं के अनुभव को और खास बना दिया। फूलों की सुगंध, धूप-दीप की महक और मंदिर में गूंजते मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
श्रावणी मेला-2026 अब अंतिम चरण में है, लेकिन देवघर में भक्ति की ऊर्जा अभी भी बनी हुई है। सावन की पूर्णिमा के साथ जब इस पवित्र महीने का समापन होगा, तब श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण की यादें लेकर अपने घर लौटेंगे। इस बार के मेले में रिकॉर्ड भीड़, चार सोमवार का विशेष संयोग और बाबा बैद्यनाथ मंदिर की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।





