
रांची। मानसून में कम बारिश की आशंका और खरीफ फसलों पर मंडरा रहे जोखिम को देखते हुए झारखंड सरकार ने किसानों के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने खरीफ मौसम 2026 के लिए बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत किसानों को बेहद कम प्रीमियम पर फसलों का बीमा उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि प्राकृतिक आपदाओं या मौसम की मार से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके।
योजना के तहत किसान अगहनी धान और भदई मकई की फसल का बीमा केवल एक रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देकर करा सकेंगे। फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को निर्धारित बीमित राशि का अधिकतम 80 प्रतिशत तक मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार ने यह योजना झारखंड के सभी 24 जिलों में लागू की है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को फसल नुकसान के आर्थिक जोखिम से बचाना और खेती को सुरक्षित बनाना है।
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए फैसला
झारखंड में खेती का बड़ा हिस्सा मानसून पर निर्भर करता है। बारिश में कमी, सूखा, अत्यधिक वर्षा, आंधी या अन्य प्राकृतिक कारणों से हर साल किसानों को फसल नुकसान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बनेगी।
सरकार का मानना है कि कम बारिश की स्थिति में खरीफ फसलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। धान और मकई जैसी प्रमुख फसलों को नुकसान होने पर किसानों की आय प्रभावित होती है। इसलिए समय रहते बीमा योजना लागू कर किसानों को राहत देने की तैयारी की गई है।
धान और मकई किसानों को मिलेगा लाभ
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुख्य रूप से अगहनी धान और भदई मकई फसल को शामिल किया गया है। किसान इन फसलों का बीमा कराकर मौसम संबंधी नुकसान से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
यदि किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य निर्धारित कारणों से फसल खराब होती है, तो किसानों को बीमा नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के तहत अधिकतम 80 प्रतिशत तक बीमित राशि का भुगतान किए जाने का प्रावधान है।
किसानों पर नहीं पड़ेगा प्रीमियम का बोझ
फसल बीमा योजनाओं में अक्सर प्रीमियम की राशि किसानों के लिए चिंता का विषय होती है। लेकिन झारखंड सरकार ने इस योजना में किसानों को राहत देते हुए प्रीमियम राशि को केवल एक रुपये प्रति हेक्टेयर रखा है।
इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी योजना से जुड़ने में आसानी होगी। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के अधिक से अधिक किसान अपनी फसलों का बीमा कराएं और किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
सभी जिलों में लागू होगी योजना
राज्य सरकार ने इस योजना को झारखंड के सभी 24 जिलों में लागू किया है। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को योजना की जानकारी देने और आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। किसानों को समय पर बीमा कराने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
खेती को सुरक्षित बनाने की कोशिश
झारखंड में बड़ी संख्या में किसान पारंपरिक खेती पर निर्भर हैं। मौसम में बदलाव और बारिश की अनिश्चितता के कारण खेती लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकती है।
सरकार का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। फसल बीमा योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर बीमा सुविधा मिलने से किसान प्राकृतिक जोखिमों के बावजूद खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। इससे कृषि उत्पादन को स्थिर बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लागू होने से झारखंड के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। कम प्रीमियम में फसल सुरक्षा मिलने से किसान मौसम की अनिश्चितताओं के बीच भी बेहतर तरीके से खेती की योजना बना सकेंगे।





