
झारखण्ड: बच्चों के लिए संचालित मध्याह्न भोजन योजना यानी मिड-डे मील की रिपोर्टिंग में लापरवाही बरतने वाले बोकारो जिले के 65 सरकारी स्कूलों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निर्देशों का पालन नहीं करने के मामले में संबंधित स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों का एक दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
बोकारो के जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कसमार, चास, गोमिया, जरीडीह और नावाडीह प्रखंड के चिन्हित विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग में लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई की चपेट में जरीडीह प्रखंड के तीन विद्यालय, चास प्रखंड के 29 विद्यालय, गोमिया के पांच विद्यालय, नावाडीह के दो विद्यालय और कसमार प्रखंड के 26 विद्यालय शामिल हैं। इन सभी स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
मामला 15 जुलाई का है, जब विभागीय निर्देश के बावजूद कई विद्यालयों ने मध्याह्न भोजन संचालन से संबंधित निर्धारित मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से रिपोर्ट नहीं भेजी। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया।
अधिकारियों के अनुसार, मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी भारत सरकार के स्तर से की जाती है। स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन, छात्रों की उपस्थिति और योजना के संचालन की जानकारी एसएमएस रिपोर्टिंग के माध्यम से भेजी जाती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर योजना की समीक्षा की जाती है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिस दिन किसी विद्यालय से मध्याह्न भोजन से संबंधित एसएमएस रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती है, उस दिन को केंद्र स्तर पर स्कूल बंद माना जा सकता है। इसी वजह से रिपोर्टिंग में लापरवाही को गंभीर विषय मानते हुए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
डीएसई कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित सभी प्रभारी प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक आदेश मिलने के दो दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण जमा करें। उन्हें अपने नियंत्री पदाधिकारी के माध्यम से जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि जब तक शिक्षकों की ओर से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता, तब तक रोके गए वेतन को जारी नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषण उपलब्ध कराना और उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। ऐसे में योजना से जुड़ी रिपोर्टिंग में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे भविष्य में समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें और विभागीय आदेशों का पूरी तरह पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं की सही निगरानी और सफल संचालन के लिए सभी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय है।
बोकारो प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य स्कूलों में भी सतर्कता बढ़ गई है। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे भी यदि किसी स्कूल में मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।





