
Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के शिक्षाविद और स्कूल प्रबंधन से जुड़े अभय कुमार मिश्रा को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत प्रदान की है। यह मामला जगन्नाथपुर थाना कांड संख्या 314/2017 से जुड़ा हुआ है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
अदालत ने यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की पीठ में सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद निर्धारित शर्तों के तहत उन्हें जमानत पर रिहा किया जाएगा।
वर्ष 2017 से चल रहा है मामला
यह मामला वर्ष 2017 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद 31 दिसंबर 2023 को इस केस में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बाद निचली अदालत ने मामले का संज्ञान भी ले लिया था। आरोपों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन से जुड़े वित्तीय लेनदेन, भवन निर्माण और नियुक्तियों में अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
स्कूल प्रबंधन और वित्तीय विवाद का आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यह विवाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनकी ओर से यह भी बताया गया कि उनकी पत्नी की नियुक्ति वर्ष 2009 में हुई थी, जबकि वे स्वयं वर्ष 2015 में स्कूल के सचिव बने थे।
वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने अदालत में दलील दी कि स्कूल फंड के दुरुपयोग, भवन निर्माण में गड़बड़ी और आयकर विभाग की जांच से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका संदिग्ध रही है।
कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल चार्जशीट दाखिल हो जाने के आधार पर अग्रिम जमानत याचिका खारिज नहीं की जा सकती। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और हर मामले का निर्णय उसके तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
25 हजार रुपये मुचलके पर जमानत
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अभय कुमार मिश्रा को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर उन्हें जमानत दी जाएगी।
साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी ट्रायल में पूरा सहयोग करें और न्यायालय द्वारा तय सभी शर्तों का पालन करें।
लंबे समय से चल रहा था विवाद
यह मामला रांची के एक स्कूल प्रबंधन विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसमें आर्थिक अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोप वर्षों से चर्चा में रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है।
निष्कर्ष
झारखंड हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अभय कुमार मिश्रा को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन उन्हें तय समय सीमा के भीतर निचली अदालत में पेश होना होगा। इसके बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मामला अब ट्रायल स्तर पर आगे की सुनवाई में प्रवेश करेगा।





