
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में नशीली दवाओं की तस्करी और उनके अवैध इस्तेमाल को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप के अवैध भंडारण और तस्करी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की हैं। इस घटना के बाद शहर में सक्रिय नशे के अवैध नेटवर्क को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि रांची में कुछ लोग प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री और भंडारण का काम कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ युवक अवैध तरीके से कोरेक्स सिरप की सप्लाई कर रहे हैं।
सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और संदिग्ध स्थान पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद दवाओं को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपी लंबे समय से नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित सिरप उन्हें कहां से प्राप्त होता था और इसकी सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जाती थी। इसके अलावा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीली दवाओं का अवैध इस्तेमाल युवाओं के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। प्रतिबंधित दवाओं का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है और कई बार इसके कारण लोग नशे की लत में फंस जाते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस लगातार ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
कोरेक्स सिरप का इस्तेमाल सामान्य रूप से कुछ चिकित्सीय परिस्थितियों में किया जाता है, लेकिन इसमें मौजूद कुछ तत्वों के कारण इसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। बिना चिकित्सकीय सलाह और अवैध तरीके से इसका सेवन लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इसी वजह से कई प्रकार के कफ सिरप की बिक्री और वितरण पर कड़े नियम लागू किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राजधानी में सक्रिय नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने कहा है कि नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है, जो युवाओं को नशे की ओर धकेल रहे हैं।
जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल हैं और नशीली दवाओं की सप्लाई का पूरा नेटवर्क किस तरह काम करता है। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है, जिससे इस मामले में जुड़े अन्य सुराग मिल सकें।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नशीली दवाओं का कारोबार समाज के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। लोगों ने मांग की है कि स्कूल-कॉलेजों और युवाओं के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद दवाओं के स्रोत और सप्लाई चैन की जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
राजधानी रांची में सामने आया यह मामला एक बार फिर बताता है कि नशीली दवाओं का अवैध कारोबार रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई को ऐसे तत्वों के खिलाफ चल रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।





