
रांची। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2029 को ध्यान में रखते हुए ‘मिशन 2029’ की औपचारिक शुरुआत कर दी है। बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा की गई। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ-साथ सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी इस मंथन में शामिल हुए।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी के विभिन्न अग्रणी संगठनों के अध्यक्ष मौजूद रहे। बैठक का फोकस आने वाले वर्षों में पार्टी की संगठनात्मक ताकत बढ़ाने और 2029 के आम चुनाव के लिए लंबी अवधि की रणनीति तैयार करने पर रहा।
कांग्रेस ने इस बैठक में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान पर भी चर्चा की। पार्टी पिछले कुछ समय से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रूप से उठा रही है। बैठक में इस अभियान को आगे कैसे बढ़ाया जाए और राज्यों में संगठन इसके लिए किस तरह काम करे, इस पर भी नेताओं ने विचार साझा किए।
मिशन 2029 के तहत कांग्रेस का जोर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर रहने की संभावना है। बैठक में प्रदेश इकाइयों को सक्रिय करने, जिला और ब्लॉक स्तर की समितियों को अधिक प्रभावी बनाने तथा कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी से जोड़ने पर मंथन किया गया।
पार्टी नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि केवल चुनाव के समय संगठन को सक्रिय करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बजाय लगातार जनसंपर्क, स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन और कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद के जरिए संगठन को जमीन पर मजबूत करना होगा।
बैठक में आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को भी मिशन 2029 की तैयारी से जोड़कर देखने पर चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि राज्यों में मजबूत प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को गति दी जा सकती है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों से उनके राज्यों की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय मुद्दों की जानकारी ली गई। इस दौरान राज्यों में चल रहे अभियानों और संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भी बैठक में राज्य की संगठनात्मक गतिविधियों का विवरण रखा। उन्होंने झारखंड में पार्टी की मौजूदा स्थिति, संगठन विस्तार और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व को दी।
झारखंड कांग्रेस की ओर से संगठन के बूथ स्तर तक विस्तार, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की सक्रियता से संबंधित जानकारी भी साझा की गई। इसके साथ ही राज्य में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।
कांग्रेस नेतृत्व ने सभी प्रदेश इकाइयों को यह संदेश दिया कि मिशन 2029 केवल चुनावी नारा नहीं बल्कि लंबी अवधि की संगठनात्मक प्रक्रिया होगी। इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और सामाजिक समूहों से पार्टी के संपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
बैठक में पार्टी के अग्रणी मोर्चों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवा दल और अन्य संगठनों को अपने-अपने स्तर पर सक्रिय अभियान चलाने के लिए तैयार करने की रणनीति पर विचार किया गया।
कांग्रेस का फोकस डिजिटल और जमीनी दोनों स्तरों पर संगठन को मजबूत करने पर है। सोशल मीडिया, डिजिटल अभियान और ऑनलाइन संवाद के साथ-साथ घर-घर संपर्क, पंचायत और वार्ड स्तर की बैठकें तथा बूथ समितियों की सक्रियता को भी प्राथमिकता देने की योजना है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि अलग-अलग राज्यों में स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए एक ही रणनीति सभी जगह लागू करने के बजाय राज्यवार योजनाएं तैयार करनी होंगी। प्रदेश नेतृत्व को स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व ने चुनावी तैयारियों के साथ-साथ संगठन में अनुशासन और समन्वय पर भी जोर दिया। राज्य और केंद्रीय नेतृत्व के बीच नियमित संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई, ताकि रणनीतिक फैसलों को तेजी से लागू किया जा सके।
मिशन 2029 के तहत पार्टी अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर सकती है। इसमें सदस्यता अभियान, बूथ प्रबंधन, प्रशिक्षण शिविर और जनसंपर्क अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान इसी दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।
हालांकि मिशन 2029 की पूरी विस्तृत रूपरेखा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन बैठक से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस ने अगले आम चुनाव की तैयारी काफी पहले शुरू कर दी है। पार्टी अब संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और राज्यों में जनाधार बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहती है।
कुल मिलाकर कांग्रेस की इस बैठक को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लंबी अवधि की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति की शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले महीनों में राज्यों और जिलों के स्तर पर इस मिशन के तहत नए कार्यक्रम शुरू हो सकते हैं।





