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रांची। एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की झारखंड की चार खिलाड़ियों ने रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे के साथ निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों से एशियन गेम्स में उनके प्रदर्शन, प्रतियोगिता के दौरान मिले अनुभव और स्वर्ण पदक तक पहुंचने के लिए की गई तैयारियों के बारे में जानकारी ली। खिलाड़ियों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2026 एशियन गेम्स के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने 1982 के एशियन गेम्स में गोल्ड हासिल किया था। फाइनल में लालरेम्सियामी के 10वें मिनट में किए गए गोल ने भारत को बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने अंत तक कायम रखा।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया। फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत रक्षण का प्रदर्शन किया। गोलकीपर सविता ने चीन के पेनल्टी स्ट्रोक को रोककर टीम की बढ़त बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस स्वर्णिम सफलता में झारखंड की चार खिलाड़ियों की मौजूदगी राज्य के लिए खास रही। सलीमा टेटे ने भारतीय टीम की कप्तानी की, जबकि निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग भी एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम का हिस्सा थीं। हॉकी इंडिया की आधिकारिक टीम सूची में सलीमा और निक्की को मिडफील्ड, दीपिका सोरेंग को मिडफील्ड और ब्यूटी डुंगडुंग को फॉरवर्ड के रूप में शामिल किया गया था।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों के सम्मान का माहौल देखने को मिला। हेमंत सोरेन ने चारों खिलाड़ियों को पारंपरिक अंगवस्त्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को लेकर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके आगे के खेल सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय टीम की यह उपलब्धि महिला हॉकी के इतिहास में महत्वपूर्ण बन गई है। टीम ने लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक हासिल किया। इस जीत ने भारतीय महिला हॉकी को महाद्वीपीय स्तर पर बड़ी सफलता दिलाने के साथ ओलंपिक का टिकट भी सुनिश्चित किया।
झारखंड का हॉकी से पुराना संबंध रहा है और राज्य के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों से निकलकर खिलाड़ियों ने भारतीय हॉकी में जगह बनाई है। सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग की एशियन गेम्स विजेता टीम में मौजूदगी इसी खेल परंपरा को आगे बढ़ाती है।
चारों खिलाड़ियों की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकती हैं। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से खेल की शुरुआत करने वाले युवाओं के सामने जब अपने क्षेत्र के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतते हैं, तो खेल को करियर के रूप में अपनाने का विश्वास भी बढ़ता है।
भारतीय महिला टीम के लिए यह एशियन गेम्स अभियान कई मायनों में यादगार रहा। चीन जैसी मजबूत टीम को फाइनल में हराकर गोल्ड जीतना और 44 साल का इंतजार खत्म करना भारतीय महिला हॉकी की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। कप्तान सलीमा टेटे ने जीत के बाद कहा कि टीम को शुरू से विश्वास था कि वह टूर्नामेंट में अंत तक जा सकती है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों की तैयारियों और उनके अनुभवों पर हुई चर्चा ने इस सफलता के पीछे की मेहनत को भी सामने रखा। किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में सफलता के लिए खिलाड़ियों को लंबे समय तक फिटनेस, तकनीक, रणनीति और मानसिक मजबूती पर काम करना पड़ता है। भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन से इन सभी पहलुओं में मजबूती दिखाई।
एशियन गेम्स में भारत का समग्र प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 85 पदक हासिल किए, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे और पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया।
इन उपलब्धियों के बीच महिला हॉकी टीम का स्वर्ण पदक खास रहा क्योंकि इसके लिए देश को चार दशक से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा। अब इस सफलता के बाद टीम की नजर 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा झारखंड की चार खिलाड़ियों का सम्मान राज्य में हॉकी की मजबूत परंपरा को भी रेखांकित करता है। सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड और देश दोनों का प्रतिनिधित्व किया। मुख्यमंत्री से मुलाकात और सम्मान के साथ उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न रांची में भी देखने को मिला।
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