
धनबाद। देशभक्ति और एकता का संदेश देने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से देशभर में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को धनबाद में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा यात्रा का आयोजन किया, लेकिन यह कार्यक्रम पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को लेकर चर्चा में आ गया।
धनबाद महानगर भाजपा की तिरंगा यात्रा के दौरान जिला परिषद मैदान में पार्टी के दो नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि भाजपा की जिला मंत्री रीता प्रसाद यादव और धनबाद नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष अमरजीत प्रसाद के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने की बात सामने आई है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि यह विवाद भाजपा महानगर अध्यक्ष श्रवण राय समेत कई पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रम में पार्टी नेताओं के बीच हुए इस विवाद ने संगठन के अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान किसी बात को लेकर रीता प्रसाद यादव और अमरजीत प्रसाद के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हाथापाई हो गई।
इस दौरान भाजपा की जिला मंत्री रीता यादव के घायल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद उन्होंने मामले की शिकायत की और मामला थाना तक पहुंच गया। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी ली है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
घटना के सामने आने के बाद धनबाद भाजपा में हलचल मच गई। पार्टी नेताओं ने इसे आपसी विवाद बताते हुए मामले को शांत कराने की कोशिश शुरू कर दी है। कई पदाधिकारी दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुटे हुए हैं, ताकि मामला संगठन के बाहर अधिक न बढ़े।
राजनीतिक गलियारों में इस घटना को भाजपा धनबाद महानगर के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। तिरंगा यात्रा जैसे राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रम में पार्टी नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से विवाद होना संगठन के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला माना जा रहा है।
भाजपा लगातार अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन और संगठन की एकजुटता का संदेश देती रही है। ऐसे में पार्टी के ही नेताओं के बीच हुई मारपीट ने विपक्ष को भी हमला करने का मौका दे दिया है।
हालांकि, भाजपा नेताओं की ओर से इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देने की कोशिश की जा रही है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह स्थानीय स्तर का विवाद है और इसे जल्द सुलझा लिया जाएगा।
वहीं, पुलिस स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। अगर शिकायत के आधार पर कोई आपराधिक मामला बनता है तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में आपसी मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस तरह का विवाद पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाता है।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति, एकता और राष्ट्र के प्रति सम्मान का संदेश देना था, लेकिन धनबाद में हुई इस घटना ने कार्यक्रम के मूल उद्देश्य से ध्यान हटाकर पार्टी की आंतरिक राजनीति को चर्चा का विषय बना दिया।
फिलहाल भाजपा संगठन इस विवाद को शांत कराने में जुटा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस मामले में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है या फिर दोनों नेताओं के बीच समझौता कराकर विवाद को खत्म कर दिया जाता है।





