
धनबाद : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के नव-पदस्थापित धनबाद डीआईजी राजीव मिश्रा ने शुक्रवार शाम सिजुआ और कतरास क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण किया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कोयला क्षेत्रों, रेलवे साइडिंग और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
डीआईजी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके अचानक पहुंचने से संबंधित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा कर्मियों में भी सक्रियता बढ़ गई।
लोयाबाद और जोगता क्षेत्र का किया निरीक्षण
डीआईजी राजीव मिश्रा ने सबसे पहले सिजुआ क्षेत्र के लोयाबाद और जोगता थाना क्षेत्र अंतर्गत 22/12 क्षेत्र का दौरा किया। यहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, कोयला क्षेत्र की गतिविधियों और तैनात जवानों की स्थिति का निरीक्षण किया।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से क्षेत्र की चुनौतियों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
रेलवे साइडिंग में लोडिंग व्यवस्था की जांच
इसके बाद डीआईजी लोयाबाद थाना क्षेत्र स्थित एसबीसी रेलवे साइडिंग पहुंचे। यहां उन्होंने कोयला रैक लोडिंग व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
उन्होंने रेलवे साइडिंग में कोयला परिवहन से जुड़ी गतिविधियों, सुरक्षा मानकों और सीआईएसएफ की तैनाती की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें साइडिंग की मौजूदा व्यवस्था और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डीआईजी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों और कोयला प्रतिष्ठानों की सुरक्षा CISF की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कांटा पहाड़ी के संवेदनशील स्थल का दौरा
अपने दौरे के दौरान डीआईजी राजीव मिश्रा ने कतरास क्षेत्र के कांटा पहाड़ी का विशेष रूप से निरीक्षण किया। यह क्षेत्र पिछले महीने हुई एक दर्दनाक घटना के बाद बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
पिछले महीने भू-धंसान की चपेट में आने से एक कैंपर वाहन गहरे पानी में गिर गया था। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी।
डीआईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था और जोखिम वाले क्षेत्रों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से भू-धंसान प्रभावित इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
सुरक्षा चुनौतियों पर अधिकारियों से चर्चा
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कोयला क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, सुरक्षा जोखिमों और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी और बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। सीआईएसएफ जवानों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
पदभार संभालने के बाद पहला दौरा
धनबाद डीआईजी का पदभार संभालने के बाद राजीव मिश्रा का यह महत्वपूर्ण क्षेत्रीय निरीक्षण माना जा रहा है। कोयला उद्योग और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को देखते हुए धनबाद क्षेत्र CISF के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
डीआईजी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, जवानों की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर बेहतर तालमेल जरूरी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि CISF औद्योगिक संस्थानों, कोयला क्षेत्रों और रेलवे परिसरों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
डीआईजी के निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही।





