झारखंड

अस्पताल में एनेस्थीसिया के ओवरडोज से बच्चे की मौत

Admin Delhi 1
27 July 2023 6:58 AM GMT
अस्पताल में एनेस्थीसिया के ओवरडोज से बच्चे की मौत
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राँची न्यूज़: रिम्स में 15 वर्षीय अली खान की मौत हो गई. परिजनों ने मौत का कारण एनेसथिसिया के ओवरडोज को बताया है. मृतक की माता ने सदर अस्पताल के डॉ एस अली पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि उनके कारण ही उनके बेटे की मौत हो गई है.

उन्होंने बताया कि बताया कि उनके बेटे का पैर टूट गया था. जिसके बाद इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गई. वहां डॉ एस अली ने बताया कि ऑपरेशन में वक्त लगेगा. जिसके बाद आयुष्मान योजना के तहत ही इलाज के लिए निजी अस्ताल पहुंचे. वहां भी डॉ एस अली को ही ऑपरेशन करना था. मृतक की माता ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन से पूर्व दो बार एनेस्थीसिया दिया गया. जिससे बेटा कोमा में चला गया. जब वो बेटे अली से मिलना चाही तो डॉक्टर ने मना किया. मिन्नत करने के बाद जब मिली तब बेटा का शरीर ठंडा होने लगा.

यहां मामला बिगड़ने लगा तो आनन-फानन में 23 जुलाई की देर रात मरीज को रिम्स ले जाने के लिए दबाव दिया गया. कहा गया कि इलाज में जो भी खर्च होगा, वह हॉस्पिटल की तरफ से दिया जाएगा और रिम्स इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं निजी अस्पताल के डॉ चंदन ने बताया कि मरीज के कहने पर ही डॉ एस अली को बुलाया गया था. वहीं, डॉ एस अली ने बताया कि मरीज की मौत स्पाइनल शॉक के कारण हुई है. दो बाद ऐनेसथिसिया नहीं दिया गया, बल्कि एक बार प्री एनेसथिसिया जांच की गई थी. डॉ एस अली ने बताया कि उनकी ओर से कोई गलती नहीं हुई है.

मशीन खराब की बात कह ले गए दूसरे अस्पताल

अली खान के परिजन ने आरोप लगाया कि सदर में डॉ एस अली ने काफी देर तक बरगलाया, उन्होंने कहा मशीन खराब है. यहां मशीन बनने में समय लगेगा. कोलकाता से इंजीनियर के आने के बाद मशीन बन पाएगी. तब तक मरीज की स्थिति और ज्यादा बिगड़ जाएगी. ऐसे में मरीज को लेकर निजी अस्पताल चलिए. डॉ एस अली के द्वारा वहां भेजा गया. डॉ रमन भी वहां थे. सबकी लापरवाही से मेरे बच्चे की मौत हो गई.

परिजनों ने किया प्रदर्शन

मौत के बाद रिम्स में पोस्टमार्टम किया गया. जिसके बाद परिजन शव के साथ विनायका अस्पताल के पास प्रदर्शन करने पहुंचे थे. पर स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शन करने से रोका. मनाने के बाद वे शव को लेकर वापस लौटे. हालांकि परिजनों की ओर से एफआईआर भी दर्ज करायी गई है.

उससे पहले रिम्स में मेडिकल बोर्ड बनाकर पोस्टमार्टम किया गया.

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