
x
Jharkhand झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर चिंता व्यक्त की है और कहा कि इस बजट का देश के विकास पर असल असर किसानों, मजदूरों, छोटे उद्योगों और समाज के कमजोर वर्गों पर गंभीर रूप से पड़ेगा। सोरेन ने रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, उनका वास्तविक प्रभाव सामान्य नागरिकों तक नहीं पहुंच पाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि “पूरे देश में भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। केंद्र की नीतियों से किसानों और मजदूरों की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूत कृषि व्यवस्था को विदेशी बाजारों के लिए खोल दिया गया है, जिससे विदेशी कृषि यंत्र और अनाज अब भारत में भी बिकेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि “अब हमारे किसान इन विदेशी उत्पादों के साथ कैसे प्रतिस्पर्धा करेंगे? सोरेन ने यह भी कहा कि बजट के प्रावधानों का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है। छोटे उद्योग, व्यापार जगत, मजदूर, आदिवासी और दलित वर्ग भी इस नीति से प्रभावित होंगे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार इन समूहों के मुद्दों को केंद्र की नीतियों के परिप्रेक्ष्य में करीब से देख रही है और उनके हितों की रक्षा करने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य सरकार इन नीतियों के सामाजिक और आर्थिक परिणामों के बारे में जनता को जागरूक करने और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। सोरेन ने यह भी स्पष्ट किया कि बजट का व्यापक असर केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक स्तर पर भी देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा और हितों के लिए सतत प्रयास जारी रखेगी।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि केंद्र की नीतियों का असर आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा और जनता इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करेगी। मुख्यमंत्री का यह बयान झारखंड में केंद्र सरकार के बजट पर विपक्षी दलों की आलोचना और राज्य स्तर पर आर्थिक प्रभाव को लेकर चिंताओं को उजागर करता है। इस बयान से स्पष्ट है कि राज्य सरकार किसानों, मजदूरों और छोटे उद्योगों के हितों की रक्षा को लेकर सतर्क है और बजट के क्रियान्वयन पर निगरानी बनाए रखेगी।
Tagsहेमंत सोरेनझारखंडकेंद्र सरकारबजट 2026किसानों पर असरमजदूरछोटे उद्योगआदिवासीदलितकृषिविदेशी बाजारव्यापार नीतिआर्थिक प्रतिक्रियाजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





